Tejashwi Yadav : फांकेबाजी करने वालों को 'RJD' में नहीं मिलेगा पद, तेजस्वी यादव की पार्टी नेताओं को दो-टूक

Tejashwi Yadav : तेजस्वी यादव ने आरजेडी नेताओं को सख्त चेतावनी देते हुए अनुशासन में रहते हुए पार्टी का काम करने की हिदायत दी। इसके आगे उन्होंने कहा कि

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 19, 2025, 9:14:12 AM

Tejashwi Yadav :

tejashwi yadav - फ़ोटो GOOGLE

Tejashwi Yadav : राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव की शक्तियां बढ़ाने पर बड़ा फैसला हुआ है। राजद ने शनिवार को पार्टी के तमाम बड़े नेताओं की मौजूदगी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पार्टी से जुड़े फैसलों को लेने के लिए लालू प्रसाद यादव जैसे अधिकार दे दिए गए। इसके बाद अब जो जानकारी निकल कर सामने आई है उसके मुताबिक तेजस्वी ने पार्टी नेताओं को कड़ा निर्देश जारी किया है। 


दरअसल, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेताओं को अनुशासन में रहने और गलत बयानबाजी न करने की सख्त हिदायत दी है। पटना में शनिवार को आयोजित आरजेडी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्होंने कहा कि फांकेबाजी करने वाले नेताओं को पद और जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। 


तेजस्वी ने कहा कि पार्टी में किसी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरजेडी नेताओं को बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान चलाने के साथ ही हर बूथ पर कम से कम दो क्रियाशील सदस्य बनाने के निर्देश को गंभीरता से लेने को कहा। इसके साथ ही हर बूथ पर कमेटी बनाने पर भी जोर दिया गया।


तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी के लिए काम करने वालों को ही जिम्मेदारी और उचित सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “खुशी की बात है कि पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी महाधिवेशन का निर्णय लिया गया है। काफी कठिन परिस्थितियों में आरजेडी का गठन हुआ था।” इसके आगे  कहा कि आरजेडी पहले राष्ट्रीय पार्टी थी, अभी क्षेत्रीय दल की मान्यता है। पार्टी का विस्तार सभी राज्यों में संगठन को मजबूत बनाकर पुन: राष्ट्रीय दल की मान्यता हासिल करनी है। 


इधर, सत्र 2025-2028 के लिए पार्टी के सांगठनिक चुनाव का प्रस्ताव पूर्व विधायक भोला यादव ने पेश किया। वहीं, इस चुनाव के लिए डॉ. रामचंद्र पूर्वे को राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी एवं प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन को राष्ट्रीय सहायक निर्वाचन पदाधिकारी मनोनीत किया गया। चितरंजन गगन ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया, जिसमें तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के अपने पूर्व के संकल्प को दुहराया।