1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 07, 2025, 7:42:38 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर - फ़ोटो Google
Patna News:भिक्षावृत्ति हमारे समाज के लिए एक गंभीर समस्या और कलंक की तरह है, लेकिन कई बार परिस्थितियाँ इंसान को इसके लिए मजबूर कर देती हैं। हालाँकि, कुछ लोगों ने इसे पेशे और धंधे के रूप में अपना लिया है। हाल के दिनों में पटना प्रशासन इस समस्या के उन्मूलन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
आम आदमी इस बात से अच्छी तरह वाकिफ हैं कि भिक्षावृत्ति अब एक व्यवसाय का रूप ले चुकी है। हाल ही में पटना स्थित समाहरणालय में आयोजित एक कार्यशाला में पटना के जिलाधिकारी ने भिक्षावृत्ति से जुड़े गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और इस पर रोक लगाने की बात कही है |
सरकारी प्रयास और योजनाएँ
बिहार में भिक्षावृत्ति को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य भिक्षावृत्ति का उन्मूलन और पुनर्वास करना है। पटना में 15 से 20 स्थान ऐसे हैं, जहां बड़े पैमाने पर यह समस्या देखने को मिलती है।
एक स्टडी के अनुसार, पटना शहर में लगभग 2,223 भिक्षुक हैं, जिनमें 43% महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं। महावीर मंदिर, पटना जंक्शन, राजवंशी नगर हनुमान मंदिर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर यह समस्या अधिक देखने को मिलती है।
भिक्षावृत्ति को बढ़ावा कैसे ?
र्धामिक मान्यताओं के अनुसार पूजन स्थलों पर भिक्षुकों को दान देना पुण्य माना जाता है, जिससे यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसी कारण कई गिरोह इसको व्यवस्थित तरीके से संचालित करने लगे हैं, जहाँ मजबूरी में भीख माँगने वाले लोगों का शोषण भी किया जाता है।
सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास
सरकार भिक्षुकों को स्वावलंबी बनाने के लिए विभिन्न योजनाएँ चला रही है, जैसे रोज़गार हेतु ठेला प्रदान करना ,इसी योजना के तहत 125 भिक्षुकों को 10,000 रुपये तक की सहायता राशि देना, जिससे वे स्वरोजगार शुरू कर सकें |
भिक्षावृत्ति पर सख्ती: मध्य प्रदेश का उदाहरण
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भिक्षा लेना और देना दोनों अपराध घोषित कर दिए गए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 183 के तहत भोपाल जिले में भिक्षावृत्ति को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया गया है। इस कानून के तहत भीख माँगने और देने वालों पर FIR दर्ज करने का आदेश भी जारी किया गया है, ताकि इस समस्या को पूरी तरह खत्म किया जा सके |
आगे देखना ये होगा कि बिहार सरकार भी इस तरह के सख्त कदम उठाती है या नही ? इस कदम से पटना समेत पूरे राज्य में भिक्षावृत्ति को खत्म करने में सफलता मिल सकती है।