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Bihar News: बिहार में एक और निर्माणाधीन पुल गिरा, पांच लोग मलबे में दबे; दो घायलों की हालत गंभीर

Bihar News: अरवल जिले के कुर्था प्रखंड में निर्माणाधीन पुल गिरने से बड़ा हादसा हुआ है। मलबे में दबकर पांच ग्रामीण घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद लापरवाही के आरोप लगे हैं।

1st Bihar Published by: mritunjay Updated Feb 02, 2026, 12:40:27 PM

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- फ़ोटो Reporter

Bihar News: अरवल के कुर्था प्रखंड अंतर्गत मानिकपुर थाना क्षेत्र के राजेपुर गांव में एक बड़ा हादसा हो गया। ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा निर्माणाधीन पुल अचानक गिर जाने से मौके पर मौजूद पांच ग्रामीण मलबे में दबकर घायल हो गए। इस दुर्घटना में दो घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए। 


जानकारी के मुताबिक, राजेपुर गांव में पुराने पुल को तोड़कर नए पुल का निर्माण कार्य चल रहा है।  पुराने पुल को ध्वस्त करने का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान कुछ ग्रामीण निर्माण कार्य देखने के लिए पुल के पास खड़े थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुल को तोड़ने की प्रक्रिया के दौरान अचानक उसका एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे गिर पड़ा। देखते ही देखते पुल का मलबा नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में आकर पांच ग्रामीण नीचे गिर गए और मलबे में दब गए।


हादसे में घायल ग्रामीणों की पहचान लाल पंडित, रामप्रीत यादव, जैन अंसारी सहित दो अन्य लोगों के रूप में की गई है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे में दबे सभी घायलों को बाहर निकाला और आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुर्था पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने लाल पंडित और रामप्रीत यादव की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, अरवल रेफर कर दिया। अन्य तीन घायलों का इलाज कुर्था सीएचसी में चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।


घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए थे। न तो निर्माण क्षेत्र में बेरिकेटिंग की गई थी और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड या डायवर्सन की व्यवस्था की गई थी। 


यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई जाती, तो इस हादसे को टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही को हादसे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है, लेकिन निर्माण कार्य में बरती गई।