1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Sat, 17 Jan 2026 01:01:02 PM IST
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Bihar News: परिवहन विभाग में करप्शन का खुला खेल जारी है. लाखों के घोटाले का खुलासा हुआ तो अदना सा अनुबंधित कर्मी पर केस दर्ज कर अधिकारी खुद को सुरक्षित कर लिए. सवाल है कि क्या सिर्फ डाटा ऑपरेटर इतना बड़ा खेल कर सकता है ? क्या एक दिन या एक हफ्ते में डाटा ऑपरेटर के पास टैक्स के रूप में 69 लाख रू जमा हो सकता है ? क्या डाटा ऑपरेटर टैक्स कलेक्शन की राशि प्रति दिन नाजिर के माध्यम से सरकारी खजाने में जमा नहीं कराता था ? जिला परिवहन कार्यालय में टैक्स वसूली का जिम्मा डीटीओ के पास होता है, वे ही इसकी निगरानी करते हैं, अगर डाटा ऑपरेटर सरकारी पैसे को खजाने में जमा नहीं कर रहा था,तब जिला परिवहन पदाधिकारी और उनके नाजिर क्या कर रहे थे ? यह जांच का विषय है.
भोजपुर डीटीओ में 69 लाख के घोटाले का केस
भोजपुर के जिला परिवहन पदाधिकारी ने 13 जनवरी 2026 को नवादा थानाध्यक्ष को केस दर्ज करने का आवेदन दिया. जिसमें कहा गया है कि सरकारी राजस्व (मोटरवाहन कर राशि) को सरकारी खजाने में जमा नहीं करने के कारण तत्कालीन डाटा इंट्री ऑपरेटर अजय कुमार सिंह जिला परिवहन कार्यालय भोजपुर के खिलाफ केस दर्ज करें. पत्र में आगे कहा गया है कि जांच के क्रम में पाया गया है कि कार्यालय में पदस्थापित तत्कालीन डाटा इंट्री ऑपरेटर अजय कुमार सिंह द्वारा आरटीपीएस काउंटर से नकद के रूप में संग्रह की गई टैक्स की राशि 69 लाख,11 हजार 698 रू सरकारी खजाने में जमा नहीं किया है.
भोजपुर के नवादा थाना में दर्ज हुआ है केस
इस संबंध में आरोपी कर्मी से 9 दिसंबर 2025 और 2 जनवरी 2026 को पत्र लिखकर इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया था. साथ ही यह भी कहा गया था कि अगर आप जवाब नहीं देते हैं तो यह माना जायेगा कि आपके द्वारा राशि का गबन किया गया है. लेकिन दो बार पत्राचार के बाद भी आज तक उन्होंने स्थिति स्पष्ट नहीं किया. जिससे प्रमाणित होता है कि आरोपी ने सरकारी राशि का गबन किया है. ऐसे में सरकारी राशि के गबन के आरोप में तत्कालीन डाटा अंट्री ऑपरेटर अजय कुमार सिंह के खिलाफऱ केस दर्ज कर राशि की वसूली को लेकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाय. जिला परिवहन पदाधिकारी के मिले पत्र के आलोक में थानाध्यक्ष ने केस सं-43/26 दर्ज किया है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 316 (4), 318(4) के तहत मुकदमा किया है.
3 सितंबर 2024 को मिला था टैक्स वसूली का चार्ज
बता दें, भोजपुर परिवहन कार्यालय ने 3 सितंबर 2024 को आरोपी डाटा ऑपरेटर के जिम्मे टैक्स वसूली का प्रभार दिया था. कुछ ही महीनों में बड़ा घपला कर गया और जिसे निगरानी का जिम्मा था, यानि डीटीओ ने कुछ नहीं किया. पूर्व के डीटीओ बदल गए, अब नए आए हैं. इसके बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.