1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 20, 2026, 8:11:55 PM
- फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार सरकार का कृषि विभाग उर्वरक कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अब तक विभाग ने अनियमितताओं के विरुद्ध 115 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर प्राथमिकी दर्ज की है, साथ ही, 449 उर्वरक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द किए हैं। उर्वरक की कालाबाजारी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए विभाग ने मुख्यालय स्तर पर उड़नदस्ता दल गठित किया है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगातार छापेमारी हो रही है। ये जानकारी राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को दी है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अधिक मूल्य पर बिक्री को रोकने के लिए पूरी तरह सख्त एवं सतर्क है। राज्य के किसी भी जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य में यूरिया के 2.45 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.46 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 2.05 लाख मीट्रिक टन, एमओपी: 0.41 लाख मीट्रिक टन और एसएसपी 1.03 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रखंडवार आवश्यकता और आच्छादन के अनुसार उर्वरक का उप-आवंटन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी क्षेत्र में कमी की स्थिति उत्पन्न न हो। उर्वरक प्रतिष्ठानों के पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक का नियमित सत्यापन किया जाए। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सभी जिलों में जांच दल गठित कर नियमित छापेमारी एवं निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में छापेमारी तेज करने तथा सशस्त्र सीमा बल के साथ समन्वय स्थापित कर उर्वरक तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने को कहा गया है।