1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 30, 2026, 6:40:03 AM
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Bihar News : Buxar के आसपास रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। रेलवे की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत दिलदारनगर के समीप नई बाईपास रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही “कर्मा” नाम से एक नया स्टेशन भी विकसित किया जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट का उद्देश्य क्षेत्रीय रेल संचालन को अधिक सुगम, तेज और प्रभावी बनाना है।
करीब 11.8 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित बाईपास रेल लाइन को वर्ष 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल इस परियोजना में मिट्टी भराई और प्रारंभिक निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार जैसे ही खेतों में फसल कटाई पूरी होगी, निर्माण कार्य और अधिक गति पकड़ लेगा, जिससे परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने में मदद मिलेगी।
इस नई लाइन पर दिलदारनगर से लगभग 1.5 किलोमीटर उत्तर की दिशा में नया “कर्मा” स्टेशन बनाया जा रहा है। यह स्टेशन भविष्य में एक महत्वपूर्ण जंक्शन के रूप में विकसित हो सकता है, जहां से विभिन्न दिशाओं में ट्रेनों का संचालन आसान हो जाएगा। खासकर गाजीपुर की ओर से आने वाली ट्रेनों को अब अलग-अलग रूटों पर डायवर्ट करना पहले से कहीं अधिक सरल हो जाएगा, जिससे यात्रियों को सीधे कनेक्शन की सुविधा मिलेगी।
वर्तमान व्यवस्था में गाजीपुर की ओर से आने वाली ट्रेनों को बक्सर या पटना की दिशा में भेजने के लिए दिलदारनगर स्टेशन पर इंजन को रिवर्स करना पड़ता है। इस प्रक्रिया में न केवल समय अधिक लगता है, बल्कि परिचालन में भी बाधा उत्पन्न होती है। नई बाईपास रेल लाइन के शुरू होने के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी और ट्रेनें बिना रुके सीधे अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ सकेंगी।
इस परियोजना में देहवल गांव के पास तीन रेल ओवरब्रिज बनाने की भी योजना शामिल है। इन ओवरब्रिज के निर्माण से सड़क और रेल यातायात दोनों अधिक सुरक्षित और सुचारु हो जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी और आवागमन आसान होगा।
नई रेल लाइन के शुरू होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। इस रूट के माध्यम से Sasaram होते हुए Gaya और डीडीयू लाइन से बेहतर संपर्क स्थापित होगा। इसके अलावा बिहटा-दनियावां-झाझा रूट के जरिए झारखंड और पूर्वी भारत के अन्य हिस्सों तक पहुंच और अधिक सुगम हो जाएगी।
रेलवे की इस योजना से मऊ, जौनपुर और गोरखपुर जैसे रूटों के लिए नई ट्रेन सेवाओं की संभावनाएं भी मजबूत हो रही हैं। यात्रियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र से लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, जिससे रोजगार, व्यापार और शिक्षा के अवसरों में भी वृद्धि होगी।
इसके साथ ही रघुनाथपुर के रास्ते बलिया को जोड़ने की पुरानी मांग अभी पूरी नहीं हो सकी है, लेकिन रेलवे विभाग द्वारा इस दिशा में वैकल्पिक योजनाओं पर विचार जारी है। कुल मिलाकर यह परियोजना बक्सर और आसपास के पूरे क्षेत्र के लिए रेलवे नेटवर्क को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होने जा रही है।