1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 06 Feb 2026 07:55:15 AM IST
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Bihar Vigilance : दरभंगा जिले में आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीण कार्य विभाग, बिरौल के कार्यपालक अभियंता बालेश्वर राम को गुरुवार शाम हिरासत में ले लिया। निगरानी की आठ सदस्यीय टीम ने बिरौल स्थित उनके कार्यालय में छापेमारी कर उन्हें पूछताछ के लिए अपने कब्जे में लिया। इसके बाद डीएमसीएच में उनकी मेडिकल जांच कराई गई और प्रारंभिक पूछताछ के बाद टीम उन्हें अपने साथ पटना ले गई।
यह कार्रवाई निगरानी डीएसपी विंध्याचल प्रसाद और इंस्पेक्टर शशिशेखर चौधरी के नेतृत्व में की गई। निगरानी की टीम ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की। इसमें दरभंगा के बिरौल स्थित अभियंता का कार्यालय, लहेरियासराय की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित उनका किराये का आवास, पटना स्थित निजी आवास तथा पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित पैतृक घर शामिल है। टीम ने सभी स्थानों पर दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े साक्ष्यों की गहन जांच की।
सूत्रों के अनुसार बालेश्वर राम के खिलाफ आय से करीब 90 लाख रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला निगरानी विभाग में दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि अभियंता बिरौल में पदस्थापित थे, लेकिन कार्यालय का अधिकांश कार्य अपने निजी आवास से संचालित करते थे। इस संबंध में विभाग को कई शिकायतें मिली थीं, जिसके आधार पर निगरानी विभाग ने प्रारंभिक जांच शुरू की थी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।
गुरुवार शाम निगरानी की टीम तीन वाहनों से स्थानीय पुलिस बल के साथ लहेरियासराय स्थित अभियंता के किराये के आवास पर पहुंची। छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेजों, बैंक संबंधी कागजात और अन्य संपत्ति से जुड़े प्रमाणों को खंगाला। वहीं बिरौल स्थित कार्यालय में भी टीम ने रिकॉर्ड और फाइलों की जांच की। हालांकि सूत्रों की मानें तो कार्यालय से कोई विशेष आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हो सका है।
निगरानी डीएसपी विंध्याचल प्रसाद ने अभियंता को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में पूछताछ जारी है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगरानी विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच को आगे बढ़ा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कांड संख्या 14/26 के तहत की गई है। निगरानी डीएसपी शशिशेखर चौधरी के नेतृत्व में टीम ने बिरौल-बेनीपुर एसएच-56 स्थित डुमरी जीरोमाइल के पास अभियंता के कार्यालय में छापेमारी कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद देर रात करीब नौ बजे निगरानी की टीम उन्हें अपने साथ दरभंगा ले गई, जहां से बाद में पटना रवाना कर दिया गया।
निगरानी विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीण कार्य विभाग समेत अन्य सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। विभागीय हलकों में इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि आय से अधिक संपत्ति के मामलों में निगरानी विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
फिलहाल निगरानी की टीम अभियंता से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों, संपत्तियों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति के रूप में देखा जा रहा है।