1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Jul 16, 2025, 8:12:04 PM
- फ़ोटो reporter
Bihar Flood: बिहार में मानसून सक्रिय होते ही भारी बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। दक्षिण बिहार की प्रमुख फल्गु नदी इस वर्ष रिकॉर्ड स्तर तक भर गई है, जिससे गया, जहानाबाद और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसी प्रकार गंगा नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, जिसे देखते हुए जल संसाधन विभाग ने अलर्ट जारी किया है।
गया जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बुधवार सुबह 11 बजे उदेरास्थान बराज पर 1.15 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो अब तक का सबसे अधिक डिस्चार्ज स्तर है। इससे पहले 2017 में अधिकतम 95,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। बराज के सभी 30 शटर खोल दिए गए हैं, जिससे फल्गु नदी का पानी तेजी से आसपास के गांवों में फैल गया है।
नदी का पानी जहानाबाद-बिहारशरीफ नेशनल हाइवे 33 पर चढ़ने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। शिवसागर (रोहतास) में भी एनएच-19 पर जलजमाव से सड़कों पर आवाजाही बंद हो गई है। गया जिले में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। शेरघाटी में पलकिया शेरपुर और फतेहपुर को जोड़ने वाला डायवर्जन पुल बह गया है। मोरहर नदी में जलस्तर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है।
इमामगंज प्रखंड के पकरी गुरिया गांव के बधार में बाढ़ का पानी भर गया है जिससे धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। किसान संकट में हैं। वहीं बोधगया के निचले इलाकों में घरों में पानी घुस गया है। बसाढी पंचायत के बत्तसपुर, घोंघरिया, मोराटाल, छाछ आदि गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं।
गया-कोडरमा रेलखंड के बसकटवा-यदुग्राम घाटी सेक्शन में पहाड़ से मलबा गिरने के कारण रेल ट्रैक बाधित हो गया। मंगलवार रात 11 बजे पहाड़ का मलबा पटरी पर आ गिरा जिससे अप लाइन पर सात घंटे और डाउन लाइन पर करीब तीन घंटे तक ट्रेन संचालन रुका रहा। आरपीएफ और रेलवे कर्मियों ने राहत कार्य कर मलबा हटाया, जिसके बाद बुधवार सुबह 6 बजे अप लाइन और रात 2 बजे डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन बहाल किया गया। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन इकाई निगरानी में जुटे हैं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।
रिपोर्ट: नितम राज, गया



