1st Bihar Published by: Dhiraj Kumar Singh Updated Dec 31, 2025, 3:46:29 PM
जमुई में सांसद की तलाश - फ़ोटो REPORTER
JAMUI: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के जीजा और जमुई के सांसद अरुण भारती को लेकर जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जमुई की जनता अब अपने सांसद की तलाश कर रही है। जिले के कई इलाकों में अरुण भारती को “लापता” बताते हुए पोस्टर लगाए गए हैं, जिसने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है।
दरअसल, जमुई के लोगों का आरोप है कि लोकसभा चुनाव हुए दो साल होने जा रहे हैं, लेकिन इस दौरान सांसद अरुण भारती गिने-चुने दिनों के लिए ही अपने संसदीय क्षेत्र में नजर आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी वे केवल एक दिन के लिए, वह भी लगभग एक घंटे के लिए ही जमुई पहुंचे थे।
एबीवीपी जमुई क़े नगर मंत्री अभिनय दुबे ने आज जमुई क़े कई जगह पर अरुण भारती का लापता पोस्टर चिपकाते हुए बताया की वो क्या जमुई का विकास करेंगे जिन्होंने जमुई को पहचानने से इंकार कर दिया है। चुनाव क़े समय लम्बे लम्बे वादे किये थे की चुनाव क़े बाद घर जमुई मे ही जमीन लेकर बनायेंगे और ज़ब जमुई ने बेटा बनाकर अपनाया तो 2 सालो मे महज दो से चार बार ही जमुई आये है यहाँ तक की उनके ही पार्टी क़े कार्यकर्ता टॉर्च लेकर उन्हें ढूंढ रहे है। इतना ही नहीं जमुई के लोगों ने बताया की उनके ही पार्टी क़े सारे सांसद अपने अपने क्षेत्र में नजर आते है पर जमुई क़े सांसद केंद्र से सरकार चलाते है और उनके व्यवहार से लगता है कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान नहीं बल्कि अरुण भारती खुद है और लगातार क्षेत्र से गायब है।
बहरहाल जनता सांसद के इस व्यवहार से बहुत नाराज़ है और यह विरोध यही रुकने वाला नहीं है। लोगों ने साफ तौर से अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा है की जल्द सांसद जनता के बीच आये और उनकी समस्याओ का निराकरण करे नहीं तो जल्द ही उनका पुतला दहन भी किया जायेगा। दबी जुबान से खुद उनके कार्यकर्ता भी इनकी इस कार्यशैली का विरोध करते है। अब देखना दिलचस्प होगा की क्या अब जमुई सांसद अरुण भारती अपने कुम्भकरणी निंद्रा से जागेंगे या फिर उनका रवैया जनता के प्रति उदासीन ही बना रहेगा।
“क्या ऐसे होगा जमुई का विकास?”
एबीवीपी जमुई के नगर मंत्री अभिनय दुबे ने जिले के विभिन्न स्थानों पर सांसद के लापता पोस्टर चिपकाते हुए कहा कि “जो सांसद अपने क्षेत्र में दिखाई ही नहीं देते, वे जमुई का विकास कैसे करेंगे? ऐसा लगता है कि उन्होंने जमुई को पहचानने से ही इंकार कर दिया है।” स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के समय अरुण भारती ने जमुई में ही घर बनाने और क्षेत्र में लगातार रहने जैसे बड़े-बड़े वादे किए थे। लेकिन जनता का आरोप है कि दो वर्षों में वे केवल दो से चार बार ही जमुई आए हैं।
पार्टी कार्यकर्ता भी नाराज़
हैरानी की बात यह है कि अब नाराज़गी केवल जनता तक सीमित नहीं है। आरोप है कि खुद उनकी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता भी टॉर्च लेकर उन्हें “ढूंढने” की बात कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि जहां अन्य सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय दिखाई देते हैं, वहीं जमुई के सांसद ज़्यादातर समय दिल्ली में ही रहते हैं। कुछ लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि सांसद का व्यवहार ऐसा है मानो वे केंद्रीय मंत्री हों, न कि जमुई के जनप्रतिनिधि। इसी कारण वे लगातार क्षेत्र से गायब रहते हैं।
आंदोलन की चेतावनी
जनता का कहना है कि यदि सांसद जल्द ही क्षेत्र में आकर लोगों की समस्याओं को नहीं सुनते, तो यह विरोध और तेज होगा। लोगों ने चेतावनी दी है कि आगे चलकर पुतला दहन जैसे विरोध प्रदर्शन भी किए जा सकते हैं। बहरहाल, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जमुई सांसद अरुण भारती जनता की इस नाराज़गी को कितनी गंभीरता से लेते हैं। क्या वे अपनी “कुंभकर्णी नींद” से जागकर क्षेत्र में सक्रिय होंगे, या फिर जनता के प्रति यह उदासीन रवैया आगे भी जारी रहेगा—इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।



