1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Dec 09, 2025, 12:27:15 PM
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Bihar News: बिहार में कड़ाके की ठंड बढ़ने के साथ ही मंदिरों में भगवान की सेवा और श्रृंगार में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। जिले के विभिन्न मंदिरों में देव प्रतिमाओं को ठंड से बचाने के लिए ऊनी वस्त्र, रजाइयाँ, कंबल और हीटर की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। पुजारियों का कहना है कि जैसे मनुष्य को मौसम के अनुसार देखभाल की जरूरत होती है, वैसे ही भगवान की मूर्तियों को भी गर्माहट देना आवश्यक है।
मंदिरों में सर्दियों का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। मूर्तियों को गर्म कपड़े, ऊनी शॉल और मोटे वस्त्र पहनाए जा रहे हैं। कई मंदिरों में हीटर और कंबल भी लगाए गए हैं। सर्द मौसम को ध्यान में रखते हुए भोग में भी बदलाव किया गया है। वहीं, घरों में भी भक्त लड्डू गोपाल सहित अन्य देवताओं को गर्म कपड़े पहना रहे हैं।
कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर के महंत रमाकांत झा ने बताया कि मौसम बदलने पर भगवान को आराम और गर्माहट देना भक्तों का दायित्व है। उनके अनुसार, मंदिर में हनुमान जी के लिए ऊनी वस्त्रों के साथ ही हीटर की भी व्यवस्था की गई है। भोग भी सर्दियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
मुंगेर के बड़ा महावीर स्थान, मुंगेर–जमालपुर स्थित हनुमान मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर इसी तरह की व्यवस्थाएँ की गई हैं। भक्तों का कहना है कि भगवान को मौसम के अनुरूप सेवा देना भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। इसी भावना से मंदिरों में विशेष तैयारियाँ जारी हैं।