मुजफ्फरपुर पुलिस की नई पहल: अब थानों पर लगेगा जनता दरबार, SP ने सुनीं जन-समस्याएं

मुजफ्फरपुर पुलिस ने जनता और पुलिस के बीच भरोसा मजबूत करने के लिए थानों पर जनता दरबार की शुरुआत की है। पहले जनता दरबार में सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने लोगों की समस्याएं सुनीं और पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा की।

1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Fri, 02 Jan 2026 07:29:16 PM IST

Bihar Police

- फ़ोटो Reporter

Bihar Police: बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार, आम जनता और पुलिस के बीच की दूरी को कम करने तथा पुलिसिंग को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मुजफ्फरपुर में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई है। जिले के सभी थानों पर अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं उपस्थित होकर 'जनता दरबार' लगाएंगे। इस कार्यक्रम का औपचारिक आगाह हो चुका है, जिसके तहत नगर थाना में आयोजित प्रथम जनता दरबार में खुद सिटी एसपी कोटा किरण कुमार शामिल हुए।


नगर थाना में आयोजित इस जनता दरबार के दौरान सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने वहां मौजूद स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने लोगों से थाना पुलिस की कार्यशैली, व्यवहार और शिकायतों के निपटारे में लगने वाले समय के बारे में विस्तार से फीडबैक लिया। सिटी एसपी ने यह जानने की कोशिश की कि आमजन पुलिस की कार्यप्रणाली से कितने संतुष्ट हैं और उन्हें पुलिस सहायता प्राप्त करने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।


जनता दरबार में न केवल जन-संवाद हुआ, बल्कि सिटी एसपी ने विभिन्न लंबित मामलों में पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई का विवरण भी खंगाला। उन्होंने थाना स्तर पर दर्ज केसों की प्रगति रिपोर्ट देखी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस मुख्यालय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पीड़ित को समय पर न्याय मिले।


सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने कहा कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश के आलोक में जिले के थानों पर जनता दरबार की शुरुआत की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस और पब्लिक के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करना है। हम यह समझना चाहते हैं कि आम जनता के बीच पुलिस की छवि कैसी है और पुलिस की कार्रवाई पर उनका कितना भरोसा है। जहाँ भी कमियां नजर आएंगी, उन्हें दूर करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।


सिटी एसपी ने इस बात पर जोर दिया कि यह 'पुलिस-पब्लिक फ्रेंडली' पहल क्राइम कंट्रोल में मील का पत्थर साबित होगी। जब जनता सीधे वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़ेगी, तो सूचनाओं का आदान-प्रदान बेहतर होगा। इससे न केवल अपराधियों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी, बल्कि समाज में सुरक्षा का वातावरण भी निर्मित होगा। 


इस पहल की सराहना करते हुए स्थानीय लोगों ने भी माना कि अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने से उनकी समस्याओं का समाधान जल्द होने की उम्मीद बढ़ी है। यह कार्यक्रम जिले के अन्य थानों में भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा, जिससे मुजफ्फरपुर पुलिस की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार और पारदर्शिता आने की संभावना है।