Bihar weather : भीषण ठंड का कहर जारी, अगले पांच दिन राहत नहीं, 9 जनवरी से सुधरेंगे हालात

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक भीषण ठंड से राहत के आसार नहीं हैं। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित रहेगा, जबकि 9 जनवरी से मौसम में सुधार की उम्मीद है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 05 Jan 2026 07:22:46 AM IST

Bihar weather : भीषण ठंड का कहर जारी, अगले पांच दिन राहत नहीं, 9 जनवरी से सुधरेंगे हालात

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Bihar weather: मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में ठंड का प्रकोप फिलहाल थमने वाला नहीं है। आने वाले पांच दिनों तक मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही बना रहेगा और लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ेगा। ठंडी पछुआ हवाएं, न्यूनतम तापमान में गिरावट और कोहरे की वजह से जनजीवन लगातार प्रभावित रहेगा। हालांकि राहत की खबर यह है कि 9 जनवरी के बाद मौसम में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है और तापमान में बढ़ोतरी के संकेत हैं।


मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही ठंडी हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण पूरे क्षेत्र में ठंड बढ़ी हुई है। रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जबकि दिन में भी धूप कमजोर पड़ने से ठिठुरन बनी हुई है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया है। इससे खासकर सुबह और देर रात लोगों को ज्यादा परेशानी हो रही है।


घने कोहरे का असर भी साफ तौर पर देखा जा रहा है। सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो जा रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सुबह और देर रात घने से मध्यम कोहरे की संभावना जताई है। कोहरे के कारण खासकर हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।


भीषण ठंड का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, बच्चों और असहाय लोगों पर पड़ रहा है। शीतलहर के चलते लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। सुबह-शाम बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं, वहीं गर्म कपड़ों और ऊनी वस्त्रों की मांग भी बढ़ गई है। कई जगहों पर प्रशासन की ओर से अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है।


कृषि क्षेत्र पर भी ठंड का असर पड़ रहा है। खेतों में खड़ी फसलों को पाले का खतरा बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें, जैसे हल्की सिंचाई करना या धुएं की व्यवस्था करना। सब्जी उत्पादकों को खास सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि अत्यधिक ठंड से फसलों को नुकसान हो सकता है।


स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय संवेदनशील है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड के कारण सर्दी-खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीज बढ़ रहे हैं। खासकर दमा और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सुबह जल्दी बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और गर्म पेय पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जा रही है।


मौसम विभाग के मुताबिक 9 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ने लगेगा, जिससे ठंडी हवाओं की रफ्तार में कमी आएगी और न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही दिन में धूप तेज होने की संभावना है, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि तब तक लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के सभी उपाय अपनाने की जरूरत है।


कुल मिलाकर अगले पांच दिन राज्यवासियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आम लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और जरूरतमंदों की मदद करें। 9 जनवरी के बाद मौसम में बदलाव की उम्मीद जरूर है, लेकिन तब तक भीषण ठंड से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।