Ayushman Card Bihar : बिहार में अब घर-घर जाकर प्राइवेट एजेंसियां बनायेंगी आयुष्मान कार्ड, जानिए क्यों पड़ी यह पहल जरूरी

बिहार में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी, प्राइवेट एजेंसियों के जरिए घर-घर जाकर लाभार्थियों को मिलेगा कार्ड और कैशलेस इलाज की सुविधा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 03 Jan 2026 09:04:11 AM IST

 Ayushman Card Bihar : बिहार में अब घर-घर जाकर प्राइवेट एजेंसियां बनायेंगी आयुष्मान कार्ड, जानिए क्यों पड़ी यह पहल जरूरी

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Ayushman Card Bihar : बिहार में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में अब तेजी आने वाली है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत सभी लाभार्थियों को जोड़ने की प्रक्रिया में नई पहल शुरू की है। योजना का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों और नागरिकों को स्वास्थ्य बीमा की सुविधा देना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।


जानकारी के अनुसार, अब जो भी लाभार्थी आयुष्मान योजना का लाभ नहीं उठा पाए हैं, उनका आयुष्मान कार्ड प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से बनवाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार ने टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इस पहल के तहत लाभार्थियों के लिए कार्ड बनाने की प्रक्रिया पहले से अधिक सरल और सुविधाजनक होगी।


राज्य को तीन भागों में बांटा गया

आयुष्मान कार्ड निर्माण कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए बिहार को तीन क्षेत्रीय हिस्सों में बांटा गया है – उत्तर बिहार, मध्य बिहार और दक्षिण बिहार। इन तीनों क्षेत्रों में अलग-अलग निजी एजेंसियों को यह काम सौंपा गया है। चयनित एजेंसियों के कर्मचारी सीधे लाभार्थियों के घर जाकर उनकी पहचान करेंगे और मौके पर ही जरूरी प्रक्रियाएँ पूरी करेंगे। इस दौरान जिन लोगों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है, उन्हें तुरंत कार्ड बनाकर सौंपा जाएगा।


इस कदम से राज्य के उन लाभार्थियों को बड़ी सुविधा मिलेगी, जिन्हें अब तक कार्ड बनाने में कठिनाई का सामना करना पड़ता था। पहले लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना और आवश्यक कागजात जमा करना पड़ते थे। अब घर-घर जाकर सेवा मिलने से समय की बचत होगी और लोगों को कार्ड बनाने के लिए अलग से केंद्र पर आने की आवश्यकता नहीं होगी।


सरकार ने क्यों उठाया यह कदम

बिहार में आयुष्मान योजना के तहत कुल 1.69 करोड़ परिवार और 8.45 करोड़ लाभार्थी शामिल हैं। बावजूद इसके अब तक केवल 4.12 करोड़ कार्ड ही बन पाए हैं। यह संख्या लगभग 50 प्रतिशत पर ही स्थिर हो गई है और इसके आगे बढ़ने की प्रक्रिया धीमी रही है।


इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने अब प्राइवेट एजेंसियों की मदद लेने का निर्णय लिया है। एजेंसियों के माध्यम से घर-घर जाकर पात्र लाभार्थियों की पहचान और कार्ड निर्माण की प्रक्रिया तेज होगी। इससे राज्य के सभी लाभार्थियों तक आयुष्मान योजना की सुविधा पहुँचाना संभव होगा।


आयुष्मान कार्ड से क्या मिलता है लाभ

आयुष्मान कार्ड होने पर राज्य के 725 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम तथा 433 सरकारी अस्पतालों में लाभार्थियों का कैशलेस इलाज संभव है। हर लाभार्थी को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सरकारी और राष्ट्रीय डेटाबेस के आधार पर मिलता है।


यह योजना बिहार सरकार की सीएम जन आरोग्य योजना और केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) का संयोजन है। योजना का उद्देश्य कमजोर और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के परिवारों को स्वास्थ्य बीमा के जरिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।


इस पहल से बिहार में आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया न केवल तेज होगी, बल्कि लाभार्थियों के लिए अधिक सरल और पारदर्शी भी होगी। लोग अब घर बैठे ही अपने कार्ड बनवा सकेंगे और इसके जरिए इलाज की सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।


सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ेगी और अधिक से अधिक लोग योजना के तहत लाभान्वित होंगे। साथ ही, यह राज्य के स्वास्थ्य एवं कल्याण क्षेत्र में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


बिहार के स्वास्थ्य विभाग ने इस योजना की जानकारी के लिए व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाने का निर्णय लिया है, ताकि हर लाभार्थी अपने घर पर ही आयुष्मान कार्ड बनवा सके और योजना के फायदे का लाभ उठाए। इस नई पहल से बिहार राज्य में आयुष्मान योजना का कवरेज बढ़ेगा और स्वास्थ्य सेवा हर नागरिक तक पहुँचने में आसानी होगी।