1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Dec 19, 2025, 1:19:25 PM
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Bihar News: बिहार में बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि का हस्तांतरण कर दिया गया है. राजस्व से जुड़े अधिकारियों और भूमाफियाओं के गठजोड़ ने यह खेल किया है. अब जाकर सरकार की तंद्रा भंग हुई है । इसके बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी,एसडीओ और अंचल अधिकारियों को पत्र लिखा है.
CS ने लिखा है पत्र..सरकारी भूमि के ट्रांसफर का खेल हो बंद
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आज 19 दिसंबर को सभी प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी, एसडीओ और अंचल अधिकारियों को पत्र लिखा है. जिसमें कहा गया है कि सरकारी भूमि का निजी व्यक्तियों के नाम पर अवैध हस्तांतरण पर पूरी तरह से रोक लगाएं. सूबे के मुख्य सचिव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि ऐसे कई मामले उजागर हुए हैं, जिसमें सरकारी भूमि का निजी व्यक्तियों के पक्ष में अवैध दाखिल खारिज एवं जमाबंदी सृजित किया गया. भूमाफिया या किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर जमीन की जमांबदी कायम कर दी जा रही. यह बिल्कुल ही अनियमित और अनैतिक कार्य है.
खेल में शामिल अधिकारी-कर्मियों को कठोर दंड दें- प्रत्यय अमृत
मुख्य सचिव ने आगे कहा है कि इतना ही नहीं भूमिहीन परिवारों के नाम पर आवंटित सरकारी भूमि, गैर मजरूआ खास, गैरमजरूआ आम, सीलिंग की भूमि, बिहार विशेष अधिकार प्राप्त व्यक्ति वास भूमि के तहत आवंटित भूखंडों की भी अवैध खरीद बिक्री एवं हस्तांतरण के मामले सामने आए हैं. इस प्रकार की सरकारी भूमि का अवैध हस्तांतरण की समीक्षा की गई है. इसके बाद यह निर्णय लिया गया है कि सरकारी भूमि के अवैध हस्तांतरण के ऐसे मामलों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाय. साथ ही अवैध भू हस्तांतरण के ऐसे मामलों में सम्मिलित कर्मियों को कठोर दंड दें.
पांच तरह के जारी किए हैं निर्देश
मुख्य सचिव ने इस संबंध में पांच तरह के निर्देश जारी किए हैं. पहला निर्देश यह है कि किसी भी प्रकार की सरकारी भूमि का हस्तांतरण या आवंटन किसी संस्थान या व्यक्ति विशेष को बिना सरकार की अनुमति के नहीं करें. सरकारी भूमि का हस्तांतरण मामले में विभागीय प्रावधानों के तहत कैबिनेट से अनुमोदन कर ही भू हस्तांतरण की कार्रवाई करें. भूमि हस्तांतरण या आवंटन जैसे मामले में जो विभिन्न राजस्व पदाधिकारियों के स्तर पर विचाराधीन है, उन्हें तत्काल प्रभाव से एक स्तर ऊपर के क्षेत्रीय पदाधिकारी, समाहर्ता या प्रमंडलीय आयुक्त के अनुमोदन से हस्तांतरित अथवा आवंटित करें.
जिला स्तर पर लैंड बैंक पोर्टल बनाएं
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद भूमि हस्तांतरण पर यह प्रक्रिया लागू नहीं होगी. इसी प्रकार पटना हाई कोर्ट द्वारा पूर्व में निर्गत किए गए न्यायादेशों पर भी यह प्रक्रिया लागू नहीं होगी. इस संबंध में पूर्व में प्रधान सचिव राजस्व विभाग के स्तर पर वर्ष 2014 में निर्गत 2 परिपत्र जो सरकार की मंशा के अनुरूप हैं, उसका पालन अनिवार्य रूप से करें. राज्य सरकार ने सरकारी भूमि का लैंड बैंक सृजित करने का निर्णय लिया है. यह औद्योगिकीकरण के लिए महत्वपूर्ण है. ऐसे में सभी समाहर्ता जिला स्तर पर लैंड बैंक पोर्टल सृजित करेंगे.