1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 07 Feb 2026 02:53:48 PM IST
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Bihar bijli chori : बिहार में बिजली चोरी रोकने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। राज्य बिजली विभाग ने अपने सिस्टम को हाईटेक बनाया है और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर बिहार में भी बिजली चोरी पकड़ने के लिए गूगल अर्थ (Google Earth) और स्मार्ट प्रीपेड मीटर का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। इससे अब लाइनमैन की मुखबिरी या शिकायतों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं रहेगी। डिजिटल मैप और सैटेलाइट से अब यह सीधे पता चल सकेगा कि किस घर में बिजली चोरी हो रही है।
नई व्यवस्था में स्मार्ट मीटर से मिलने वाला डेटा खुद ही असामान्य खपत वाले घरों की पहचान करेगा। जिन घरों में जीरो यूनिट या बहुत कम बिजली खपत दिखाई देगी, उन्हें निगरानी सूची में रखा जाएगा। इन मामलों में स्पष्ट होगा कि मीटर में छेड़छाड़ हुई है या अवैध कनेक्शन के जरिए बिजली का इस्तेमाल हो रहा है।
इस डिजिटल निगरानी में जूनियर इंजीनियरों की भूमिका अहम होगी। उनके मोबाइल में एक विशेष एप इंस्टॉल किया जाएगा, जिसमें कंज्यूमर आईडी डालते ही उपभोक्ता का सटीक लोकेशन सामने आ जाएगा। स्मार्ट मीटर में लगे चिप के जरिए घर की पहचान होगी और गूगल अर्थ मैप पर उस मकान के ऊपर लाल निशान दिखाई देगा। यह संकेत करेगा कि इस घर में बिजली चोरी की संभावना है।
गूगल अर्थ पर लाल निशान वाले घरों की सूची बनाकर विभाग विशेष छापेमारी टीम भेजेगा। मौके पर यदि चोरी पकड़ी जाती है तो कानूनी कार्रवाई और FIR दर्ज की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इससे कार्रवाई तेज, सटीक और प्रभावी होगी।
इसके अलावा गूगल अर्थ एप से पहले ही उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां चोरी की संभावना अधिक है। इन इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। पूरा डेटा विभाग के पास उपलब्ध रहेगा, जिससे यह समझना आसान होगा कि वास्तविक खपत कहां नहीं दिख रही और कहां गड़बड़ी हो रही है।
इंजीनियर पंकज राजेश ने कहा कि अब बिजली चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। स्मार्ट मीटर के जरिए हर गतिविधि विभाग तक पहुंच रही है। डिजिटल निगरानी के इस दौर में चोरी करने वाले खुद ही अपने खिलाफ सबूत छोड़ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस हाईटेक प्रणाली से बिजली चोरी पर नियंत्रण पाने में काफी मदद मिलेगी। डेटा विश्लेषण कर यह भी पता लगाया जा सकेगा कि कौन से इलाके में चोरी अधिक है और वहां विशेष कार्रवाई होगी। इससे चोरी कम होने के साथ-साथ विभाग की वसूली भी बढ़ेगी।
नई तकनीक से बिजली चोरी की पहचान के बाद कार्रवाई में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। पहले जहां शिकायतों और लाइनमैन की रिपोर्ट पर निर्भर रहना पड़ता था, अब वास्तविक समय में डेटा के जरिए सही कार्रवाई संभव होगी।
संक्षेप में, बिहार अब बिजली चोरी के खिलाफ डिजिटल क्रांति की ओर बढ़ रहा है। स्मार्ट मीटर और गूगल अर्थ के इस सिस्टम से बिजली चोरी पर सटीक निगरानी संभव होगी। अब चोरी करने वाले किसी बहाने का सहारा नहीं ले पाएंगे और विभाग तेजी से कार्रवाई कर सकेगा। यह पहल न केवल चोरी रोकने में मदद करेगी बल्कि बिहार के बिजली नेटवर्क को मजबूत और पारदर्शी बनाएगी।