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बिहार कैडर के 47 वरिष्ठ IAS-IPS अधिकारियों को मिली अहम जिम्मेवारी, करने जा रहे यह बड़ा काम

Bihar IAS IPS: चुनाव आयोग ने बिहार कैडर के 32 IAS और 15 IPS अधिकारियों का चयन पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में तैनाती के लिए किया, उन्हें सामान्य और पुलिस प्रेक्षक की जिम्मेदारी दी जाएगी।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 19, 2026, 2:41:43 PM

Bihar IAS IPS

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Bihar IAS IPS: चुनाव आयोग ने बिहार कैडर के 47 वरिष्ठ अधिकारियों को पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में तैनात करने का निर्णय लिया है। इसमें 32 IAS और 15 IPS अधिकारी शामिल हैं। आयोग ने इस संबंध में संबंधित राज्य सरकारों को औपचारिक पत्र भेज दिया है।


ये अधिकारी पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव में सामान्य प्रेक्षक और पुलिस प्रेक्षक के रूप में जिम्मेदारी निभाएंगे। चुनाव आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव और संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि चयनित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए ताकि वे समय पर चुनावी ड्यूटी ज्वाइन कर सकें। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी अधिकारी के रिलीविंग में देरी या छुट्टी के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।


चयनित IAS अधिकारियों में सरवनन एम, अभय कुमार सिंह, अजय यादव, दिवेश सेहरा, धर्मेंद्र सिंह, संदीप कुमार आर पुडलकुट्टी, जय सिंह, संजय कुमार सिंह, गोपाल मीणा, दीपक आनंद, दिनेश कुमार, एमडी सौहेल, प्रणव कुमार, मनोज कुमार, कार्तिकेय धनजी, गिरिवर दयाल सिंह, सीमा त्रिपाठी, कंवल तनुज, शीर्षत कपिल अशोक, उदयन मिश्रा, उज्ज्वल कुमार सिंह, सुनील कुमार यादव, अरविंद कुमार वर्मा, जितेंद्र गुप्ता, धर्मेंद्र कुमार, राकेश रंजन, सज्जन आर, अभिलाषा कुमारी शर्मा, प्रशांत कुमार सीएच, सुहर्ष भगत, विजय प्रकाश मीणा और मुकुल कुमार गुप्ता शामिल हैं।


वहीं IPS अधिकारियों में राकेश राठी, राजेश कुमार, विनय कुमार, पंकज कुमार राज, एस प्रेमलथा, गरिमा मलिक, रणजीत कुमार मिश्रा, हरप्रीत कौर, जयंत कांत, नवीन चंद्र झा, हिमांशु शेखर त्रिवेदी, सुधीर कुमार पोरिका, दीपक रंजन, आनंद कुमार और अवकाश कुमार शामिल हैं।


इन अधिकारियों की तैनाती से चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। अनुभवी अधिकारियों के माध्यम से मतदान से लेकर मतगणना तक हर चरण पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इतनी बड़ी संख्या में बिहार कैडर के अधिकारियों का चयन राज्य प्रशासन की क्षमता और भरोसे को दर्शाता है और इसे बिहार के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।