Bihar expressway project : पटना-पूर्णिया और हल्दिया-रक्सौल एक्सप्रेस-वे का निर्माण अटका, यह बातें बनी बड़ी वजह; DM ने दिए नए निर्देश

बिहार में राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और अधिसूचना प्रक्रियाओं में अड़चनों के कारण प्रभावित हो रही हैं। एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और पुल निर्माण जैसी हाईवे परियोजनाओं का निर्माण कई स्थानों पर बाधित

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 10 Jan 2026 08:59:03 AM IST

Bihar expressway project : पटना-पूर्णिया और हल्दिया-रक्सौल एक्सप्रेस-वे का निर्माण अटका, यह बातें बनी बड़ी वजह; DM ने दिए नए निर्देश

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Bihar expressway project : बिहार में कई महत्वपूर्ण सरकारी विकास परियोजनाओं की प्रगति विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के कारण प्रभावित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024-25 में घोषित बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्गों और पुल निर्माण शामिल हैं, लेकिन इन परियोजनाओं के तेजी से पूरा न होने का प्रमुख कारण भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और अधिसूचना प्रक्रियाओं में देरी है। इसके साथ ही, अतिक्रमण और लंबित रिपोर्टें भी निर्माण कार्यों की गति को प्रभावित कर रही हैं।


पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे और हल्दिया-रक्सौल एक्सप्रेस-वे जैसी हाईवे परियोजनाओं के निर्माण में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है। कई क्षेत्रों में अधिसूचना प्रक्रिया मुख्यालय स्तर पर लंबित होने के कारण आगे की कार्रवाई स्थगित है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान में विलंब से संविदा अधिकारियों और निर्माण कंपनियों को समय पर काम शुरू करने में कठिनाई हो रही है। प्रशासनिक स्तर पर इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं ताकि अड़चनों को शीघ्र दूर किया जा सके।


राष्ट्रीय राजमार्गों की परियोजनाओं जैसे एनएच 112बी और एनएच 322 का निर्माण भी अधिग्रहण और अतिक्रमण की समस्याओं के कारण बाधित हो रहा है। एनएच 112बी परियोजना में 90 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बावजूद कुछ खंडों में जमीन, पेड़, मंदिर और झोपड़ियों के कारण सड़क निर्माण में बाधा आ रही है। एनएच 322 के निर्माण में भी सड़क किनारे बने पक्के अतिक्रमण निर्माण कार्य की गति को प्रभावित कर रहे हैं। इसके समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को सक्रिय कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।


राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए पुल और फोरलेन परियोजनाओं में भी भूमि अधिग्रहण की समस्याएँ सामने आई हैं। ताजपुर-बख्तियार फोरलेन और आरओबी निर्माण कार्य में कई मौजा और खेसराओं के अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबित है। प्रभावित भूमि मालिकों की मुआवजा राशि एलएआरआरए कोर्ट में जमा है, लेकिन अतिक्रमण मुक्त कराए बिना निर्माण कार्य को आगे बढ़ाना संभव नहीं हो रहा है।


अतिक्रमण हटाने और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रियाओं में देरी का असर सीधे परियोजनाओं की समयसीमा पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर सड़क निर्माण और पुल निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं, जिससे आम जनता को आने वाले समय में होने वाले सुविधाओं का लाभ लेने में भी देरी होगी। प्रशासन द्वारा इस दिशा में समय-समय पर बैठकें कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि सभी परियोजनाओं की प्रगति सुचारू रूप से हो सके।


विशेषज्ञ कमेटियों और जनसुनवाइयों की रिपोर्टों की लंबित स्थिति भी विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न कर रही है। रोसड़ा और सरायरंजन में बनने वाले बाईपास जैसी योजनाएँ विभागीय स्तर पर लंबित हैं, जिनमें विशेषज्ञों की रिपोर्ट और जनसुनवाई की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस कारण परियोजनाओं की अंतिम स्वीकृति और निर्माण कार्य शुरू होने में देरी हो रही है।


इसके अलावा, मुआवजा राशि के भुगतान में धीमी गति भी निर्माण कार्य में रुकावट डाल रही है। कई स्थानों पर प्रभावित भूमि मालिकों को राशि का भुगतान पूरा नहीं किया गया है, जिससे सड़क निर्माण और पुल निर्माण में कई मीटर लंबाई तक काम बाधित हो गया है। प्रशासन ने इस दिशा में भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मुआवजा राशि शीघ्र जारी की जाए और अतिक्रमण मुक्त करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएँ।


बिहार सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य की सड़क और पुल परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए, ताकि राज्य के आर्थिक विकास और नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित हो सके। एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल परिवहन प्रणाली सुधरेगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में भी वृद्धि होगी। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर होने से किसानों और स्थानीय व्यवसायों को सीधा लाभ मिलेगा।


राज्य प्रशासन ने परियोजनाओं में आई बाधाओं को दूर करने के लिए भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञ कमेटियों और जिला प्रशासन के सहयोग से लंबित रिपोर्टों को शीघ्र पूरा करने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी हों और निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए।


सारांश में कहा जा सकता है कि बिहार में एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और पुल निर्माण जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। भूमि अधिग्रहण, मुआवजा भुगतान और अतिक्रमण जैसी समस्याओं को दूर कर प्रशासन इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। इसके सफल होने से राज्य की आर्थिक प्रगति और आम जनता की जीवनशैली में सुधार होगा, साथ ही बिहार को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस करने में मदद मिलेगी।