BIHAR NEWS : अब सुधा बूथों पर मिलेगा इस तरह का दूध, मटन खरीदने के लिए इस जगह लगेगी दूकान; सरकार बना रही बड़ा प्लान

बिहार में अब सुधा बूथों के माध्यम से बकरी के दूध की बिक्री होगी, जबकि बकरे का मांस नगर निगम और नगर निकायों के जरिए बेचा जाएगा। सरकार बकरीपालन को बढ़ावा देने के लिए गोट फेडरेशन, गोट स्पेशलिस्ट और गया में सिमेन बैंक की योजना पर काम कर रही है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 10, 2026, 8:57:52 AM

BIHAR NEWS : अब सुधा बूथों पर मिलेगा इस तरह का दूध, मटन खरीदने के लिए इस जगह लगेगी दूकान; सरकार बना रही बड़ा प्लान

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BIHAR NEWS : बिहार में बकरीपालन को बढ़ावा देने और इससे जुड़े उत्पादों के बाजार को विस्तार देने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब पूरे बिहार में सुधा बूथों के माध्यम से बकरी के दूध की बिक्री की जाएगी, जबकि बकरे के मांस की बिक्री नगर निगम और नगर निकायों के जरिए करायी जाएगी। इसके लिए डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे जल्द ही राज्य कैबिनेट के पास भेजा जाएगा।


इसकी जानकारी विभाग के सचिव शीर्षत कपित अशोक ने सोमवार को दी। वह पटना के एक स्थानीय होटल में जलवायु अनुकूल बकरीपालन एवं प्रबंधन विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का उद्घाटन डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री सुरेंद्र मेहता और विभाग के सचिव ने संयुक्त रूप से किया।


सचिव शीर्षत कपित अशोक ने कहा कि सरकार की योजना है कि जल्द ही राज्य की सभी पंचायतों में सुधा बूथ स्थापित किए जाएं, जिससे डेयरी और पशुपालन से जुड़े उत्पादों की बिक्री को मजबूत बाजार मिल सके। उन्होंने बताया कि बकरीपालन को संगठित रूप देने के लिए राज्य में गोट फेडरेशन का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में गोट स्पेशलिस्ट की नियुक्ति की जाएगी, जिन्हें उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित संस्थान में विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।


उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग के लिए बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय और केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान, मथुरा को थिंक टैंक के रूप में जोड़ा जाएगा। ये संस्थान बकरीपालकों को आधुनिक तकनीक, बेहतर नस्ल प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीके से पालन-पोषण की जानकारी देंगे, जिससे उत्पादन और आय दोनों में वृद्धि होगी।


कार्यक्रम में मंत्री सुरेंद्र मेहता ने कहा कि बिहार में गरीब परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने में बकरीपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी उद्देश्य से सरकार बीपीएल परिवारों को बकरी पालन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की योजना के तहत बीपीएल परिवारों को 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान पर तीन प्रजनन योग्य बकरियां दी जा रही हैं।


मंत्री ने बताया कि अब तक राज्य में 34 हजार 218 परिवारों को कुल 1 लाख 2 हजार 654 बकरियां वितरित की जा चुकी हैं। इससे हजारों परिवारों को स्वरोजगार मिला है और उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान समय में लगभग 12 करोड़ बकरियां हैं, जो विश्व की कुल बकरी आबादी का लगभग 20 प्रतिशत है। वहीं बिहार में बकरियों की संख्या करीब 1.28 करोड़ है, जिससे यह देश में चौथे स्थान पर आता है। बकरीपालन के क्षेत्र में और सुधार लाने के लिए सरकार ने गया में गोट सिमेन बैंक की स्थापना की योजना को भी मंजूरी दी है। इससे बकरियों की नस्ल में सुधार होगा और मेमनों की मृत्यु दर कम करने में मदद मिलेगी।


इस बीच कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पटना के गांधी मैदान में 12 से 15 मार्च तक राज्यस्तरीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला आयोजित किया जाएगा। इस मेले का आयोजन एग्रो बिहार 2026 के तहत किया जा रहा है।


कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि चार दिवसीय यह मेला किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीक और नए कृषि यंत्रों से परिचित होने का महत्वपूर्ण मंच होगा। उन्होंने कहा कि मेले में बिहार के अलावा पंजाब, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के कृषि यंत्र निर्माता भी भाग लेंगे।


कृषि मंत्री के अनुसार लगभग 3.25 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में आयोजित इस मेले में 100 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां किसान आधुनिक मशीनरी, नई तकनीक और कृषि से जुड़े नवाचारों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों को खेती में उत्पादकता बढ़ाने और लागत कम करने में मदद मिलेगी।