1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 10, 2026, 9:38:08 AM
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LPG Cylinder New Rule: देश भर में एलपीजी गैस सिलेंडरों की सप्लाई को लेकर एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। आधी रात से लागू हुए नए सरकारी निर्देशों के बाद कमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई पर भी सख्त नियम लागू कर दिए गए हैं। इस फैसले का असर सीधे आम लोगों और खासकर शादी-विवाह वाले घरों पर पड़ रहा है, जहां बड़े पैमाने पर खाना बनाने की तैयारी रहती है।
बताया जा रहा है कि इन नए नियमों के लागू होने के बाद कई जगहों पर गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। लोग असमंजस में हैं कि उन्हें समय पर गैस सिलेंडर मिल पाएगा या नहीं। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग से जुड़े कारोबारियों के बीच भी चिंता बढ़ गई है, क्योंकि कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई फिलहाल रोक दी गई है।
जानकारी के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण वैश्विक स्तर पर एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी को देखते हुए पेट्रोलियम कंपनियों ने गैस वितरण को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। ताजा निर्देशों के मुताबिक 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सामान्य आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर यानी 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर के कोटे में भी करीब 20 से 25 प्रतिशत तक कटौती करने का निर्देश दिया गया है।
कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी बंद होने से होटल, रेस्टोरेंट और शादी-विवाह जैसे बड़े आयोजनों में गैस की किल्लत होने की आशंका बढ़ गई है। कई कैटरिंग व्यवसायियों का कहना है कि अगर जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो बड़े कार्यक्रमों में खाना बनाना मुश्किल हो सकता है।
सोमवार को पेट्रोलियम कंपनियों के राज्य स्तरीय अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के बीच वर्चुअल बैठक भी हुई, जिसमें इन नए निर्देशों की जानकारी दी गई। अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक हालात को देखते हुए फिलहाल गैस की राशनिंग जरूरी हो गई है। इसलिए कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सामान्य सप्लाई रोक दी गई है। हालांकि मानवीय आधार पर अस्पतालों, छात्रावासों और कुछ जरूरी संस्थानों को विशेष अनुमति के साथ कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने का फैसला किया गया है।
दूसरी ओर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी अब गैस सिलेंडर लेना पहले की तुलना में थोड़ा मुश्किल हो सकता है। पेट्रोलियम कंपनियों ने एक वित्तीय वर्ष में 12 सिलेंडर के नियम को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है। जिन उपभोक्ताओं ने चालू वित्तीय वर्ष में पहले ही 12 सिलेंडर ले लिए हैं, उनकी नई बुकिंग पर सिस्टम ने स्वतः रोक लगा दी है।
पारदर्शिता और निगरानी बढ़ाने के लिए गैस सिलेंडर की बुकिंग प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब गैस सिलेंडर की बुकिंग केवल टोल-फ्री नंबर या आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए ही की जा सकेगी। इसके साथ ही सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। बिना ओटीपी के गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी।
इस पूरे मामले में स्थानीय प्रशासन फिलहाल सतर्क नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोलियम कंपनियों से आधिकारिक लिखित आदेश मिलने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। गोरखपुर के जिला पूर्ति अधिकारी रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर पर रोक को लेकर अभी तक कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन इस विषय पर जल्द समीक्षा बैठक होने वाली है।
उधर पेट्रोलियम मंत्रालय ने भी बयान जारी कर कहा है कि देश की रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने घरेलू एलपीजी सप्लाई को प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इसके अलावा जमाखोरी रोकने के लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग पीरियड लागू करने की तैयारी की गई है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह कदम संभावित ऊर्जा संकट के बीच गैस की उपलब्धता बनाए रखने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उठाया गया है।