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Bihar News: किसान आयोग में 'अध्यक्ष' की नियुक्ति तो हो गई...उपाध्यक्ष-सदस्यों पर क्यों फंस गया पेंच ? BJP को लेकर है बड़ी खबर...

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश सरकार एनडीए कार्यकर्ताओं को आयोगों में समायोजित कर रही है। किसान आयोग में केवल भाजपा कोटे से अध्यक्ष की नियुक्ति हुई, उपाध्यक्ष व सदस्य को लेकर भाजपा नेताओं में विवाद गहरा गया है।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Jun 24, 2025, 1:22:56 PM

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Bihar News: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले खाली पड़े बोर्ड-निगम-आयोग में राजनैतिक कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जा रही है. हाल में 12 से अधिक आयोग में एनडीए कार्यकर्ताओं को अध्यक्ष-उपाध्यक्ष व सदस्य के तौर पर नियुक्त किया गया है. नीतीश सरकार एनडीए कार्यकर्ताओं को सरकारी सिस्टम में शामिल कर उपकृत कर रही है. सोमवार को सरकार ने तीन आयोगों के गठन की अधिसूचना जारी की. हालांकि एक आयोग में केवल अध्यक्ष की ही नियुक्ति हो सकी है, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई है. इसके बाद तरह-तरह की चर्चा शुरू है. बताया जा रहा कि किसान आयोग में नियुक्ति को लेकर बिहार भाजपा के नेता आमने-सामने हो गए हैं. 

नीतीश सरकार नेताओं को कर रही खुश

नीतीश सरकार ने 23 जून को किसान आयोग के गठन की अधिसूचना जारी की है. कृषि विभाग की तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि रूपनाराय़ण को अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया जाता है. कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार की तरफ से यह अधिसूचना जारी की गई. किसान आयोग का गठन तो हुआ, लेकिन सिर्फ अध्यक्ष की नियुक्ति हुई. उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की अधिसूचना अब तक जारी नहीं हुई है. जबकि अन्य आयोगों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति की अधिसूचना एक साथ जारी हुई. सोमवार की बात करें तो उद्यमी सह व्यवसाय आयोग का गठन हुआ, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की अधिसूचना एक साथ जारी की गई. बिहार नागरिक परिषद के गठन की अधिसूचना जारी हुई. यहां भी उपाध्यक्ष, महासचिव और सदस्यों की नियुक्ति एक साथ की गई. 

किसान आयोग में सिर्फ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष-सदस्यों की नियुक्ति क्यों नहीं ? 

किसान आयोग में BJP कोटे से अध्यक्ष की नियुक्ति की गई है. उपाध्यक्ष और सदस्य क्यों नहीं बनाया गया ? इसे लेकर कई तरह की जानकारी सामने आ रही है. विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि किसान आयोग के गठन को लेकर भाजपा के अंदर ही विवाद हो गया है. अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के मुद्दे पर भाजपा नेताओं में टकराव है. शह-मात के खेल में अध्यक्ष की नियुक्ति की अधिसूचना जारी  हो गई, पर उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की अधिसूचना लंबित रह गया. बिहार भाजपा के कई नेता इस आयोग में शामिल होना चाहते थे, बड़े नेताओं की पैरवी थी. इसी बीच एक नेता की पैरवी से किसान आयोग के अध्यक्ष के तौर पर भाजपा नेता रूपनारायण जो पटना महानगर अध्यक्ष हैं, इनकी नियुक्ति हो गई. यानि रूपनारायण मेहता को दो पद मिल गया. 

अब देखना होगा कि किसान आयोग में सदस्यों की नियुक्ति कब तक हो पाती है. वैसे भी किसान आयोग में अध्यक्ष पद भाजपा कोटे में गया है, लिहाजा उपाध्यक्ष की कुर्सी जेडीयू के खाते में जायेगी. भाजपा नेताओं को सदस्य के तौर पर किसान आयोग में एडजस्ट किया जायेगा.