1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 23, 2026, 12:10:20 PM
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Ram Navami 2026: रामनवमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 27 मार्च को पड़ रहा है। इस दिन भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
रामनवमी से पहले घर में कुछ विशेष शुभ वस्तुएं लाने की परंपरा है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, वास्तु दोष दूर होते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। आइए जानते हैं उन 5 महत्वपूर्ण चीजों के बारे में—
1. रामदरबार की मूर्ति या तस्वीर
रामनवमी से पहले घर में रामदरबार की मूर्ति या तस्वीर लाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसमें भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी विराजमान होते हैं। इसे पूजा स्थल में स्थापित कर नियमित पूजा करने से घर में प्रेम, एकता और शांति बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
2. पंचमुखी हनुमान जी की प्रतिमा
पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर घर में रखना सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह सभी दिशाओं से आने वाली नकारात्मक शक्तियों को रोकने में सहायक मानी जाती है। नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करने से भय, बाधाएं और मानसिक तनाव दूर होते हैं।
3. रामचरितमानस और हनुमान चालीसा
घर में रामचरितमानस और हनुमान चालीसा रखना और उनका नियमित पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इससे घर का वातावरण भक्तिमय बनता है, सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में शांति व आत्मबल मिलता है।
4. तुलसी माला और पीले वस्त्र
तुलसी माला को पवित्रता और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। वहीं पीला रंग भगवान विष्णु और श्रीराम से जुड़ा होता है, जो समृद्धि और शांति का संकेत है। पूजा स्थल में पीले वस्त्र या वस्तुएं रखने से धन-समृद्धि में वृद्धि होती है और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
5. घर की सफाई और सजावट
रामनवमी से पहले घर की साफ-सफाई और सजावट करना भी बहुत जरूरी है। मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों की तोरण लगाएं और फूलों से घर सजाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है।
रामनवमी के दिन सुबह स्नान कर नए वस्त्र पहनें और भगवान राम का स्मरण करें। इन उपायों को अपनाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। इसकी पूर्ण सत्यता और सटीकता की हम पुष्टि नहीं करते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।