गलत कटा है ट्रैफिक चालान तो 14 को लोक अदालत पहुंचे, पहली बार बैठेगी विशेष बेंच, जुर्माना होगा माफ

बिहार में 14 मार्च को लगने वाली लोक अदालत में पहली बार ट्रैफिक ई-चालान मामलों की सुनवाई के लिए विशेष बेंच बैठेगी। गलत चालान से परेशान वाहन मालिक यहां अपना मामला रख सकेंगे और कई मामलों में जुर्माना माफ होने की भी संभावना है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 12, 2026, 9:53:13 AM

गलत कटा है ट्रैफिक चालान तो 14 को लोक अदालत पहुंचे, पहली बार बैठेगी विशेष बेंच, जुर्माना होगा माफ

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PATNA : बिहार के सभी जिलों में 14 मार्च को आयोजित होने वाली लोक अदालत में ट्रैफिक ई-चालान मामलों के निष्पादन के लिए विशेष बेंच बैठेगी। इससे वाहन चालकों और मालिकों को लंबित चालान मामलों में राहत मिलने की उम्मीद है। ऐसा पहली बार होगा कि लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के मामलों की सुनवाई होगी.


दो दिन पहले हाईकोर्ट ने जताई थी नाराजगी

बता दें कि पटना हाईकोर्ट ने राज्य में ट्रैफिक चालान काटे जाने से संबंधित विवादों को लोक अदालत में नहीं ले जाने पर सख्त रुख अपनाया है। 10 मार्च को ही चीफ जस्टिस संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से पूछा था कि दूसरे राज्यों की तरह बिहार में चालान विवादों के निपटारे के लिए लोक अदालत का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है? कोर्ट ने नोटिस जारी कर सरकार से जवाब तलब किया था।


परिवहन विभाग की टूटी नींद

हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद बिहार सरकार की नींद खुली है. परिवहन विभाग की विशेष कार्य पदाधिकारी अरुणा कुमारी ने इस संबंध में सभी जिलों के डीटीओ को पत्र भेजा है। जिसमें कहा है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के विरुद्ध शमन के रूप में जारी ई-चालान का निष्पादन लोक अदालत में किया जाएगा।


14 मार्च को बिहार के सभी जिलों में लोक अदालत लगना है। परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक लोक अदालत में ट्रैफिक चालान मामलों के निष्पादन के लिए विभाग की ओर से विशेष बेंच लगाने का निर्देश जारी किया गया है।

बिहार में जमकर कट रहे ट्रैफिक चालान 

परिवहन विभाग के आंकड़ों  के मुताबिक दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 तक यानि सिर्फ दो महीने में राज्य में। 1.48 लाख से अधिक चालान काटे गए. इनमे 90.97 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया. वहीं अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक लगभग 5 लाख) चालान काटे गए जिनमें 301.28 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया.


लोगों की शिकायत रही है कि पुलिस और परिवहन विभाग अक्सर गलत चालान काट दे रहा है. ऐसे मामलों में सुनवाई की कोई व्यवस्था नहीं है. ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के दफ्तरों में लगातार चक्कर काटने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होती. अब लोक अदालत में ऐसे मामलों की सुनवाई से लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है.