Bihar politics news : तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर बड़ा हमला: बोले– 21 साल में विकास के हर पैमाने पर सबसे पीछे है बिहार

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 21 वर्षों में बिहार गरीबी, बेरोजगारी, पलायन और शिक्षा जैसे सभी सूचकांकों में सबसे पीछे है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 12, 2026, 9:41:53 AM

Bihar politics news : तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर बड़ा हमला: बोले– 21 साल में विकास के हर पैमाने पर सबसे पीछे है बिहार

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Tejashwi Yadav : बिहार विधानसभा के नेता विपक्ष ने बिहार की मौजूदा स्थिति को लेकर एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि दशकों से केंद्र और राज्य में एनडीए की डबल इंजन सरकार होने के बावजूद बिहार विकास के लगभग सभी मानकों पर देश में सबसे पीछे है। उन्होंने दावा किया कि आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक सूचकांकों में बिहार की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।


तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार देश का सबसे गरीब राज्य बना हुआ है। यहां से सबसे अधिक मजदूर और युवा रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों में पलायन करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध और भ्रष्टाचार की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। इसके साथ ही बेरोजगारी और बहुआयामी गरीबी के मामले में भी बिहार शीर्ष राज्यों में शामिल है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है और स्कूल छोड़ने वाले छात्रों की संख्या काफी अधिक है।


उन्होंने कहा कि बिहार साक्षरता दर के मामले में देश में सबसे नीचे है और प्रति व्यक्ति आय भी सबसे कम है। तेजस्वी यादव के अनुसार किसानों की आय, प्रति व्यक्ति निवेश और प्रति व्यक्ति उपभोग के मामलों में भी राज्य की स्थिति कमजोर है। उन्होंने यह भी कहा कि कंप्यूटर साक्षरता और बिजली खपत जैसे आधुनिक विकास के संकेतकों में भी बिहार काफी पीछे है।


तेजस्वी यादव ने दावा किया कि राज्य में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में भी बिहार पिछड़े राज्यों में गिना जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक इकाइयों की संख्या बहुत कम है, जिससे रोजगार के अवसर भी सीमित हो जाते हैं। स्कूलों में कंप्यूटर और आईसीटी लैब की कमी को भी उन्होंने शिक्षा व्यवस्था की बड़ी कमजोरी बताया।


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विकास के अधिकांश सूचकांकों में बिहार की स्थिति निराशाजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सरकार की नीतियां प्रभावी नहीं रही हैं, जिसके कारण आम लोगों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।


तेजस्वी यादव ने महंगाई के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग महंगी गैस, महंगी बिजली और महंगे पेट्रोल-डीजल खरीदने को मजबूर हैं। इसके अलावा राज्य में कई जगहों पर जमीन और प्रॉपर्टी की कीमतें भी दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों के बराबर या उससे अधिक बताई जाती हैं, जिससे आम लोगों के लिए घर बनाना मुश्किल हो जाता है।


नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि करीब 21 वर्षों से बिहार में एनडीए की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद राज्य विकास के अधिकांश मानकों पर पीछे है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद सरकार इन स्थितियों के लिए जवाबदेह क्यों नहीं बनती।


तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सरकार जनता के मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जाती है और सरकारी संसाधनों का उपयोग चुनावी लाभ के लिए किया जाता है।


उन्होंने यह भी कहा कि जातीय समीकरण और राजनीतिक रणनीतियों के सहारे सत्ता में बने रहने की कोशिश की जा रही है, जबकि विकास के बुनियादी मुद्दों पर अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के लोगों को बेहतर शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए ठोस नीतियों और जवाबदेही की जरूरत है।


नेता प्रतिपक्ष के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में विकास, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दे राज्य की राजनीति के केंद्र में रह सकते हैं।