1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Dec 12, 2025, 3:32:37 PM
प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार के 10 जिलों में मध्याह्न भोजन योजना का पायलट प्रोजेक्ट बंद कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट विद्यालयों में प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक के बजाय अन्य शिक्षकों द्वारा संचालित किया जा रहा था। इस प्रोजेक्ट में अनियमितताओं के कारण इसे समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षा विभाग के निदेशक विनायक मिश्र ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट इसलिए शुरू किया गया था ताकि प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक मध्याह्न भोजन योजना के दैनिक संचालन के अतिरिक्त बोझ से मुक्त रह सकें और शैक्षणिक कार्यों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर सकें। इसके लिए व्यवस्थापक और सहायक व्यवस्थापक नियुक्त किए गए थे।
लेकिन प्राप्त प्रतिवेदन और समीक्षाओं में पाया गया कि इन व्यवस्थापकों की उपस्थिति अनियमित थी। उनकी अनुपस्थिति के कारण स्कूलों में शैक्षणिक कार्य बाधित होने लगे और विद्यालय की गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। कई विद्यालयों में व्यवस्थापक और सहायक व्यवस्थापक नियमित रूप से उपस्थित नहीं होते थे, जिससे योजना के संचालन में कठिनाई उत्पन्न हुई।
निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि जहां-जहां यह पायलट प्रोजेक्ट लागू है, उसे तत्काल बंद किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह समाप्त हो चुका है और भविष्य में इसे जारी रखने की अनुमति नहीं है। अब सभी विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना का संचालन पूर्व व्यवस्था के अनुसार प्रधानाध्यापक और विद्यालय प्रबंधन द्वारा ही किया जाएगा।