1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 02 Feb 2026 08:24:50 AM IST
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Bihar railway development : बिहार में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने के लिए बजट में बड़े पैमाने पर धनराशि आवंटित की गई है। केंद्रीय बजट में लगभग 500 करोड़ रुपये का प्रावधान हार्डिंग पार्क में बन रहे नए रेल टर्मिनल के लिए किया गया है। इससे टर्मिनल के निर्माण में तेजी आएगी और यात्री सुविधाओं में सुधार होगा। इसके साथ ही 17,000 करोड़ रुपये से पंडित दीनदयाल उपाध्याय से झाझा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण भी मंजूर किया गया है। इस परियोजना का निर्माण चरणवार तरीके से किया जाएगा, और इसे पूरा करने के लिए बजट में प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।
बिहार के महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में बिहटा से औरंगाबाद तक नई रेल लाइन का निर्माण भी शामिल है। इसे दो चरणों में विकसित किया जाएगा – पहले बिहटा से अनुग्रह नारायण तक, और फिर अनुग्रह नारायण से औरंगाबाद तक। हालांकि प्रत्येक परियोजना के लिए आवंटित राशि की आधिकारिक जानकारी रेलवे की पिंक बुक जारी होने के बाद ही सामने आएगी।
इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों में भी नई रेल लाइनों का निर्माण प्रक्रिया में है। हाल ही में सीतामढ़ी से जयनगर और निर्मली-भाया-सुरसंड तक 188 किलोमीटर तथा ललित ग्राम से वीरपुर तक 22 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है। नवादा और नालंदा के विकास को गति देने के लिए नवादा-पावापुरी नई रेल लाइन का निर्माण भी प्रस्तावित है। 25.10 किलोमीटर लंबी इस लाइन के लिए 492.14 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इस लाइन के बन जाने से नवादा से पावापुरी तक सीधी रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी, जो प्रमुख जैन तीर्थस्थल पावापुरी के लिए महत्वपूर्ण है।
रेलवे विकास के तहत स्टेशनों के आधुनिकीकरण और पुनर्विकास का काम भी तेजी से चल रहा है। अमृत भारत योजना के तहत गया, बेगूसराय, बरौनी, दरभंगा, मधुबनी समेत कई स्टेशनों के निर्माण और पुनर्निर्माण के लिए बजट में राशि आवंटित की गई है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल यात्री सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
बजट में किए गए इन प्रावधानों से बिहार में रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा और राज्य की प्रमुख शहरों और तीर्थस्थलों के बीच सीधी और तेज़ रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। नई लाइनों और टर्मिनलों के निर्माण से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और माल परिवहन में भी तेजी आएगी। रेलवे विकास की इन योजनाओं से बिहार के विभिन्न हिस्सों का समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास तेजी से होगा।