Bihar School News: बिहार के सरकारी स्कूलों में बदलेगी मिड डे मील की थाली, नीतीश सरकार ने जारी किए निर्देश

Bihar School News: बिहार के सरकारी स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकारी स्कूल के बच्चों को अब जनवरी-फरवरी में मिड डे मील के साथ अंडा और मौसमी फल मिलेगा.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Tue, 06 Jan 2026 07:18:40 PM IST

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प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google

Bihar School News: ठंड के मौसम में बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक अहम कदम उठाया है। जनवरी और फरवरी माह में अब बच्चों को मध्याह्न भोजन के साथ अंडा और मौसमी फल भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि सर्दी के मौसम में उन्हें पोषण की अतिरिक्त ऊर्जा मिल सके।


इसके लिए शिक्षा विभाग ने अंडा और मौसमी फल की अस्थायी दरें तय कर दी हैं। यह नई दर केवल दो महीनों—जनवरी और फरवरी—के लिए लागू होगी। बाकी महीनों में पहले से निर्धारित दर ही प्रभावी रहेगी।


मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र ने इस संबंध में राज्य के सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि जनवरी और फरवरी में अंडा और मौसमी फल की खरीद अधिकतम छह रुपये प्रति यूनिट की दर से की जाए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन जिलों में इससे कम दर पर अंडा या फल उपलब्ध हो, वहां कम कीमत पर ही खरीद की जाएगी।


शिक्षा विभाग का मानना है कि सर्दी के मौसम में बच्चों को अतिरिक्त पोषण की आवश्यकता होती है। अंडा और मौसमी फल न केवल उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि पढ़ाई में एकाग्रता और शारीरिक विकास में भी सहायक होते हैं। इसी सोच के तहत यह अस्थायी व्यवस्था की गई है।


निर्देश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी जिले में विशेष परिस्थिति के कारण छह रुपये तक की दर पर खरीद करनी पड़ती है, तो उससे होने वाले अतिरिक्त व्यय की प्रतिपूर्ति उपलब्ध राशि से तत्काल की जाएगी। इससे योजना के क्रियान्वयन में किसी तरह की बाधा न आए।


शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनवरी और फरवरी के बाद, यानी मार्च माह से अंडा और मौसमी फल की दर फिर से पूरानी दर 5 रुपये प्रति यूनिट कर दी जाएगी। सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों के लिए यह पहल सर्दी के मौसम में न केवल पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि यह संदेश भी देगी कि सरकार बच्चों की सेहत और भविष्य को लेकर संवेदनशील और सजग है।