1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 27, 2025, 8:17:33 AM
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Bihar Teacher News: बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए वेतन और पेंशन के भुगतान में देरी होती जा रही है। आलम यह है कि अप्रैल का महीना समाप्त होने वाला है, लेकिन अब तक मार्च माह की वेतन राशि भी विश्वविद्यालयों को नहीं भेजी गई है। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों को वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, फरवरी महीने तक की वेतन-पेंशन की राशि पूर्व में जारी कर दी गई थी।
वहीं, शिक्षा विभाग ने तीन महीने की वेतन व पेंशन की राशि के निकासी और उसे जारी करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत लगभग एक हजार करोड़ रुपये की राशि जारी करने की स्वीकृति ली जा रही है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रस्ताव को जल्द ही वित्त विभाग को भेजा जाएगा। वित्त विभाग से सहमति मिलने के बाद यह राशि विश्वविद्यालयों को भेजी जाएगी।
विभाग का यह भी कहना है कि अगले चरण में मार्च और अप्रैल की वेतन और पेंशन की राशि विश्वविद्यालयों को एक साथ जारी की जाएगी। मई माह की वेतन राशि बाद में जारी होगी। इस समयवधि में, विभाग शेष नौ महीनों के वेतन और पेंशन के लिए निकासी की स्वीकृति लेगा, ताकि आगे शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन-पेंशन में किसी भी प्रकार की देरी का सामना न करना पड़े।
हालांकि, विभाग का कहना है कि वेतन-पेंशन का समय पर भुगतान विश्वविद्यालयों द्वारा पे-रोल मैनेजमेंट पोर्टल पर कार्यरत और सेवानिवृत्त शिक्षकों तथा कर्मचारियों का सही-सही ब्योरा समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण में विलंब हुआ है। विश्वविद्यालयों और कॉलेजों द्वारा ब्योरे की सही जानकारी समय पर न देने से वेतन और पेंशन के भुगतान में रुकावटें उत्पन्न हो रही हैं।
विभाग ने इस समस्या का समाधान करने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को उचित दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं न हों और शिक्षकों तथा कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिल सके।
इस देरी से शिक्षकों और कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ रहा है, क्योंकि समय पर वेतन और पेंशन का भुगतान उनके परिवार की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डालता है। कई शिक्षक संघों ने शिक्षा विभाग से इस मुद्दे को शीघ्र हल करने की अपील की है और यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि आगे वेतन और पेंशन का भुगतान समय पर किया जाए।
शिक्षा विभाग का कहना है कि वह इस समस्या का समाधान शीघ्र ही निकालेगा और भविष्य में ऐसे किसी भी प्रकार की देरी से बचने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को दिशा-निर्देश देने का कार्य जारी रहेगा ताकि वे सभी संबंधित जानकारियों को सही समय पर पोर्टल पर अपडेट कर सकें।