1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 05 Feb 2026 10:29:58 AM IST
- फ़ोटो
Bihar Budget Session 2026-27 : बिहार विधानसभा में बजट सत्र का तीसरा दिन शुरू हो गया है। आज की कार्यवाही में सदन की गतिविधियां बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि सदन में विधायकों द्वारा सवाल-जवाब के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सुबह पहले सत्र में प्रश्नोत्तर काल से कार्यवाही शुरू हुई, जिसमें विधायकों ने अपने सवाल मंत्रियों के समक्ष रखे। इस दौरान ध्यानाकर्षण सूचना के तहत विधायक श्याम रजक ने उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े सवाल उठाए। इन सवालों का जवाब संबंधित प्रभारी मंत्री देंगे। वहीं, जल संसाधन विभाग से जुड़े मुद्दों पर विधायक राणा रंधीर, अनिल सिंह और अन्य पांच विधायकों ने सवाल उठाए, जो विधानसभा में चर्चा का महत्वपूर्ण हिस्सा बने।
आज के सत्र में बजट चर्चा के अलावा राज्य के महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक मामलों पर भी ध्यान रहेगा। राज्यपाल के अभिभाषण और बिहार सरकार के 2026-27 के बजट पर सदन में विस्तृत चर्चा होगी। इसके साथ ही, NEET छात्रा की मौत के मामले को लेकर सदन में हंगामे की संभावना जताई जा रही है। इस मुद्दे पर विपक्ष के कुछ विधायक सरकार की जवाबदेही को लेकर सख्त सवाल उठा सकते हैं।
बजट सत्र के दौरान नीतीश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 3,47,589 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के बजट से 30,694.74 करोड़ रुपये अधिक है। इस बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और कृषि क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य के सड़क और परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार ने 5 नए एक्सप्रेस-वे निर्माण का ऐलान किया है। इसके अलावा, सभी सिंगल लेन वाली सड़कें डबल लेन की जाएंगी, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन और माल-वाहन परिवहन अधिक सुचारू और सुरक्षित होगा।
कृषि क्षेत्र में भी सरकार ने किसानों के हित में कई कदम उठाए हैं। नीतीश सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना की राशि डेढ़ गुना कर दी है। सरकार की ओर से शुरू की गई जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रत्येक किसान को अब सालाना 3,000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दिए जाएंगे। यह राशि पीएम किसान सम्मान निधि की मौजूदा राशि के साथ जोड़ी जाएगी, जिससे बिहार के किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिलेगा और उनकी आय में सुधार होगा।
इसके अलावा, बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी विशेष जोर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के सुधार, नई पाठ्यक्रम नीति और छात्रवृत्ति योजनाओं के विस्तार पर चर्चा की जाएगी। वहीं, जल संसाधन और कृषि विकास को लेकर उठाए गए सवालों के जवाब देने के दौरान यह स्पष्ट होगा कि सरकार की प्राथमिकताएं किस दिशा में हैं और किस तरह से राज्य के विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ेंगे।
बजट सत्र में सदन के सभी सदस्यों की निगाहें सरकार के प्रस्तावित योजनाओं और उनके क्रियान्वयन पर टिकी हैं। विपक्ष के सवालों और ध्यानाकर्षण सूचनाओं के माध्यम से यह तय होगा कि सरकार किस हद तक अपने घोषणापत्र और विकास योजनाओं को लागू करने में सक्षम है। साथ ही, बजट सत्र का यह दिन यह भी दिखाएगा कि शिक्षा, सड़क, जल संसाधन और किसान कल्याण जैसे मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही और पारदर्शिता कितनी प्रभावी है।
कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा का तीसरा दिन बजट और चर्चा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। नीतीश सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में विकास और सामाजिक कल्याण पर विशेष ध्यान दिया है। 5 नए एक्सप्रेस-वे, सड़क डबलिंग, किसानों के लिए बढ़ी हुई निधि और शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्रों में निवेश जैसी योजनाओं से यह स्पष्ट है कि सरकार राज्य के हर वर्ग को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बजट सत्र के इस दिन की कार्यवाही न केवल सरकारी योजनाओं की समीक्षा का अवसर है, बल्कि यह भविष्य के विकास मार्ग और नीति निर्माण की दिशा भी निर्धारित करेगी।