NEET student case : 'नीट मामले में बोलने पर पुलिस अधिकारियों का आता है फोन', RJD MLA भाई वीरेंद्र का सनसनीखेज खुलासा, बताया किसको बचा रही सरकार

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन राजद के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने नीट छात्रा हत्याकांड को लेकर सनसनीखेज खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में यदि कोई भी विधायक या नेता बयान देता है, तो पुलिस अधिकारियों द्वारा फोन करके कहा जा

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 05 Feb 2026 10:49:23 AM IST

NEET student case : 'नीट मामले में बोलने पर पुलिस अधिकारियों का आता है फोन', RJD MLA भाई वीरेंद्र का सनसनीखेज खुलासा, बताया किसको बचा रही सरकार

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NEET student case : बिहार विधानसभा का बजट सत्र आज अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर चुका है। इस अवसर पर सभी विधायकों ने विधानसभा परिसर में उपस्थित होकर आगामी सत्र की कार्यवाही के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। सत्र की शुरूआत से ही चर्चा का केंद्र सरकारी नीतियों और बजट आवंटन पर रही, लेकिन इस बीच राजद के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने एक सनसनीखेज खुलासा किया, जिसने पूरे विधानसभा परिसर में हलचल मचा दी।


भाई वीरेंद्र ने कहा कि नीट छात्रा हत्याकांड मामले पर कोई भी बयान देने पर उन्हें पुलिस अधिकारियों का फोन आता है। इन अधिकारियों द्वारा कहा जाता है कि “सर, आप इस मामले पर बयान क्यों दे रहे हैं, ऐसे बयान मत दीजिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल एक मामूली चेतावनी नहीं है, बल्कि सरकार इस मामले में जानबूझकर लीपापोती कर रही है। उनके अनुसार, पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से इस मामले को दबाने में लगे हुए हैं।


भाई वीरेंद्र ने विधानसभा में जोर देकर कहा कि इस घटना में कई बड़े नेताओं के पुत्र शामिल हैं, इसलिए साक्ष्यों को मिटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मृतक छात्रा और उनके परिवार को न्याय दिलाना ही उनका मकसद है, लेकिन राजनीतिक दबाव और सत्ता का दुरुपयोग इस मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सामने आने नहीं दे रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जैसे ही वे मीडिया या अन्य मंचों पर इस मामले को उठाते हैं, उन्हें उच्च अधिकारियों से दबाव का सामना करना पड़ता है।


उन्होंने आगे कहा कि केवल राजनीतिक बयानबाजी ही नहीं, बल्कि इस हत्याकांड में शामिल लोगों की जांच और न्याय सुनिश्चित करना भी उनकी जिम्मेदारी है। भाई वीरेंद्र ने सरकार पर आरोप लगाया कि सत्ता का संरक्षण पाने के लिए यह घटना intentionally दबाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता के सामने यह मामला उजागर किया जाएगा और यदि न्याय नहीं मिला तो विपक्ष इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने को मजबूर होगा।


राजद विधायक के इस खुलासे के बाद विधानसभा में हलचल मच गई। कई विधायक उनके समर्थन में खड़े हुए और कहा कि अगर प्रशासन और सरकार ने इस गंभीर मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो यह राज्य में कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। विपक्षी दलों ने सरकार से इस मामले में स्वतंत्र जांच कराने की मांग भी की।


भाई वीरेंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना नहीं है, बल्कि न्याय की लड़ाई लड़ना है। उन्होंने कहा कि नीट छात्रा हत्याकांड जैसी घटनाएं समाज में भय और असुरक्षा पैदा करती हैं और सरकार का कर्तव्य है कि वह निष्पक्ष जांच कर अपराधियों को कड़ी सजा दिलाए। उनके अनुसार, यदि बड़े नेताओं के पुत्र शामिल हैं, तब भी कानून को अपनी सख्ती दिखानी होगी।


इस खुलासे के बाद विधानसभा परिसर में मीडिया और सदस्यों की नजरें पूरी तरह इस मामले पर टिक गईं। भाई वीरेंद्र ने सदन में यह भी कहा कि उन्हें डर नहीं है और वे न्याय पाने तक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के लिए यह आवश्यक है कि सत्ता में बैठे लोग अपनी जिम्मेदारियों से भाग न जाएं और सभी साक्ष्यों को छिपाने का प्रयास न करें।


सत्र में चर्चा के दौरान यह भी सामने आया कि इस खुलासे के बाद पुलिस और प्रशासन पर बढ़ते दबाव के बीच सरकार की छवि पर भी असर पड़ सकता है। विपक्ष ने चेताया कि अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जनता के बीच सरकार की विश्वसनीयता को बड़ा धक्का लगेगा।


बिहार विधानसभा में तीसरे दिन भाई वीरेंद्र का यह बयान न केवल राजनीतिक हलचल पैदा कर रहा है, बल्कि न्याय और कानून व्यवस्था के सवालों को भी केंद्र में ला रहा है। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि नीट छात्रा हत्याकांड जैसी घटनाओं में सत्ता का संरक्षण और दबाव गंभीर मुद्दे हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।