1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 02 Feb 2026 07:22:22 AM IST
- फ़ोटो
Bihar Budget 2026 : बिहार विधानसभा का बजट सत्र आज यानी सोमवार से शुरू हो गया है। यह सत्र पूरे फरवरी महीने तक चलने वाला है और राजनीतिक व प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सत्र के पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण होगा, जिसमें सरकार अपनी नीतियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का खाका पेश करेगी। इसके बाद कल बिहार सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेगी, जिस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं।
राज्यपाल का अभिभाषण परंपरागत रूप से सरकार की दिशा और प्राथमिकताओं को दर्शाता है। इस दौरान सरकार यह बताएगी कि बीते वर्ष में किन क्षेत्रों में क्या उपलब्धियां हासिल हुईं और आने वाले समय में विकास की कौन-कौन सी योजनाएं लागू की जाएंगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, कृषि, रोजगार और कानून-व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर सरकार की नीति की झलक इस अभिभाषण में देखने को मिलेगी। इसके साथ ही महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए नई योजनाओं की घोषणा की भी संभावना है।
इस सत्र का सबसे अहम पड़ाव कल पेश होने वाला राज्य बजट होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार से जनता को विकासोन्मुखी और लोककल्याणकारी बजट की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण विकास, शहरी आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार सृजन को लेकर बड़े प्रावधान किए जाने की संभावना जताई जा रही है। साथ ही राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए राजस्व बढ़ाने और खर्चों में संतुलन बनाए रखने पर भी सरकार का विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है।
बजट सत्र के दौरान विपक्ष की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण होगी। विपक्षी दल सरकार से राज्य की कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जवाब मांगेंगे। इसके साथ ही भ्रष्टाचार, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक विफलताओं को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की जाएगी। ऐसे में सदन में तीखी बहस और हंगामे की भी संभावना बनी हुई है।
इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश कर सकती है, जिनका संबंध राज्य के प्रशासनिक सुधार, सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास से होगा। साथ ही कुछ पुराने कानूनों में संशोधन या नए नियम लागू करने से जुड़े प्रस्ताव भी सदन में रखे जा सकते हैं। इन विधेयकों पर चर्चा और पारित होने की प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों के बीच सहमति और असहमति के स्वर भी देखने को मिल सकते हैं।
राज्य सरकार का दावा है कि वह विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समावेशी और संतुलित बजट पेश करेगी। सरकार का फोकस गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा शिक्षा-स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करने पर रहेगा। वहीं, उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए भी नए प्रोत्साहन और नीतिगत फैसलों की घोषणा की जा सकती है।
विधानसभा सत्र केवल बजट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें राज्य से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होगी। जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाएंगे और सरकार से समाधान की मांग करेंगे। इससे जनता को यह जानने का अवसर मिलेगा कि उनके प्रतिनिधि सदन में किस तरह से उनकी आवाज उठा रहे हैं।
कुल मिलाकर, बिहार विधानसभा का यह बजट सत्र राज्य के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाने वाला है। राज्यपाल के अभिभाषण से लेकर बजट प्रस्तुति और विधायी कार्यवाही तक, यह सत्र राजनीतिक हलचल, नीति निर्धारण और विकास योजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। जनता की उम्मीदें इस सत्र से जुड़ी हुई हैं और अब सबकी नजरें सरकार के अगले कदमों पर टिकी हैं।