1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 02 Feb 2026 10:42:18 AM IST
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Bihar Budget Session : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सदन के बाहर सियासी माहौल गरमा गया। सबसे पहले नीट छात्रा मामले को लेकर विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष का आरोप है कि नीट की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुए मामले में अब तक न्याय नहीं मिल पाया है, जो सीधे तौर पर सरकार की विफलता को दर्शाता है।
नीट छात्रा मामला: सरकार पर सीधा हमला
हंगामे के दौरान विपक्षी नेता भाई वीरेंद्र ने कहा कि अगर आज तक नीट छात्रा को इंसाफ नहीं मिला है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की बनती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह केवल एक छात्रा का मामला नहीं है, बल्कि बिहार में कानून-व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को उजागर करता है।
भाई वीरेंद्र ने कहा, “आज अगर नीट छात्रा को न्याय नहीं मिला है तो पूरी सरकार कटघरे में खड़ी है। सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई।”उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ऐसे संवेदनशील मामलों में गंभीर नहीं है और केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित रह गई है।
UGC को लेकर पटना में प्रदर्शन, विपक्ष का समर्थन
नीट छात्रा मामले के साथ-साथ यूजीसी (UGC) से जुड़े मुद्दों को लेकर पटना में होने वाले प्रदर्शन पर भी भाई वीरेंद्र ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस प्रदर्शन का समर्थन करता है। उनका कहना था कि शिक्षा से जुड़े मसलों पर छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जाना चाहिए और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
बजट और दवाइयों पर तंज
बजट में दवाइयों के सस्ते होने को लेकर पूछे गए सवाल पर भाई वीरेंद्र ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि बिहार में असली दवा मिलना ही मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाजार में नकली दवाइयों की भरमार है और कई नेताओं का खुद का दवा का कारोबार है। उन्होंने कहा, “अरे, सब दवाई तो नकली मिल रहा है। दवाइयां सस्ती करने की बात तब मायने रखती है जब लोगों को असली दवा मिले।”
इसके बाद तेजस्वी यादव का मामला
नीट छात्रा मामले के बाद सत्र के पहले दिन तेजस्वी यादव को लेकर भी सियासी बयानबाजी देखने को मिली। सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को अब सदन में नहीं आने का नया बहाना मिल गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाई वीरेंद्र ने साफ किया कि तेजस्वी यादव के पैर का ऑपरेशन हुआ है और वह खुद उनसे मिलने गए थे।उन्होंने कहा कि यह कोई बहाना नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है। विपक्ष के नेता की सेहत पर राजनीति करना ठीक नहीं है।
सत्र की शुरुआत से पहले गरमाया माहौल
कुल मिलाकर बिहार विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन की शुरुआत से पहले ही माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंगा नजर आया। एक तरफ नीट छात्रा मामले को लेकर विपक्ष सरकार को घेरता दिखा, तो दूसरी ओर तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई।स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में बजट सत्र के दौरान शिक्षा, कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है।