1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 09 Feb 2026 11:25:56 AM IST
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Budget Session Day 5 : बिहार विधानसभा के पांचवें दिन पुलिस भवनों और कर्मियों की सुविधाओं को लेकर सदन में गर्मागर्म चर्चा हुई। भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा ने सवाल उठाया कि थाना भवन जर्जर नहीं और बहुत पुराना भी नहीं होने के बावजूद ₹6 लाख मरम्मत के लिए क्यों दिए गए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि ब्लॉक स्तर पर कर्मियों के रहने की कोई सुविधा नहीं है, जबकि जिला स्तर पर ऐसा प्रावधान होता है। थानेदार के लिए भी रहने की व्यवस्था नहीं है और जहां कुछ व्यवस्था बनी थी, वह जर्जर स्थिति में पहुँच गई है।
विधायक ने यह भी बताया कि राज्य स्तर पर जाले में 10 महिला सिपाहियों के लिए बैरक निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति 2023 में दी गई थी, लेकिन आज 2026 में भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इसके अलावा थाना भवन में आगंतुकों के लिए अलग कमरा बनाने की स्वीकृति 2021 में मिली थी, पर अब तक निर्माण कार्य नहीं हो पाया। उन्होंने पूछा कि इसमें दोषी कौन है और सरकार क्या कदम उठाएगी।
इस पर जवाब देते हुए पुलिस विभाग के मंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी ने कहा कि मरम्मत के लिए ₹6 लाख उपलब्ध कराए गए थे। उन्होंने कहा कि महिला सिपाहियों के बैरक और आगंतुक कक्ष निर्माण का आदेश भी दिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगर निचले स्तर के अधिकारी या पदाधिकारी कार्य में लापरवाही करेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विधायक के सवाल और मंत्री के जवाब के दौरान सदन में चर्चा तेज रही। सवाल उठाते समय विधायक ने यह भी कहा कि अगर पुलिस कर्मियों के रहने की उचित व्यवस्था नहीं होगी तो उनका काम प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार से कहा कि थानेदार और महिला सिपाहियों के लिए तुरंत रहने की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
सवाल और जवाब से स्पष्ट हुआ कि थाने और ब्लॉक स्तर पर पुलिस कर्मियों की सुविधाओं में गंभीर कमी है। मरम्मत, बैरक और आगंतुक कक्ष के निर्माण में हुई देरी ने प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंत्री ने आश्वासन दिया कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।इस मुद्दे से राज्य में पुलिस भवनों और कर्मियों की स्थिति पर ध्यान गया और यह साफ हुआ कि सुधार के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।