1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 09 Feb 2026 07:54:49 AM IST
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Bihar Budget Session : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन काफी हंगामेदार रहने की संभावना है। सदन के अंदर सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। विपक्ष बिहार में बढ़ते अपराध, खासकर हत्या और दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। दरभंगा में हाल ही में हुई मासूम बच्ची की हत्या और दुष्कर्म की घटना को लेकर सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह जोरदार विरोध और हंगामे के आसार जताए जा रहे हैं।
विपक्ष ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस गंभीर घटना को लेकर सरकार से जवाब मांगेगा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को कठघरे में खड़ा करेगा। विपक्षी दलों का आरोप है कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार इसे रोकने में विफल रही है। वहीं, सत्ताधारी दल विपक्ष के आरोपों का जवाब देने और सरकार की उपलब्धियां गिनाने की रणनीति तैयार कर चुका है।
सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। लंच से पहले ध्यानाकर्षण सूचनाओं और सरकार की ओर से दिए जाने वाले जवाबों के साथ कार्यवाही आगे बढ़ेगी। इस दौरान सदस्यों के तारांकित सवाल और अल्पसूचित सवालों का भी जवाब संबंधित विभागों के मंत्री देंगे। जल संसाधन विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े सवालों को लेकर सरकार के सामने कड़ी चुनौती रहने की संभावना है।
दोपहर बाद सदन में वित्तीय कार्यों पर चर्चा होगी। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 के तीसरे अनुपूरक (सप्लिमेंट्री) बजट को भी सदन के पटल पर रखा जाएगा। सरकार की कोशिश होगी कि सभी वित्तीय कार्य सेकंड हाफ में निपटा लिए जाएं।
गौरतलब है कि बजट सत्र के पिछले कुछ दिन भी काफी हंगामेदार रहे हैं। चौथे दिन प्रभारी स्वास्थ्य मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी के बयान को लेकर सरकार की काफी किरकिरी हुई थी। विपक्ष ने स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पतालों की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार पर जमकर हमला बोला था।
वहीं, तीसरे दिन सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली थी। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि छह विधायकों को तोड़ने के लिए पैसे कहां से लाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि गड़बड़ी के पैसे का इस्तेमाल किया गया था।
मुख्यमंत्री के बयान पर तेजस्वी यादव मुस्कुराते हुए नजर आए और उन्होंने कहा था कि कुछ भी बोलिएगा। इस पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बैठने के लिए कहा और कहा कि वह उनके पिता के समय से राजनीति में हैं और उन्हें उन्होंने ही आगे बढ़ाया है। इस बयान के बाद सदन में काफी देर तक शोर-शराबा होता रहा था।
पांचवें दिन भी इसी तरह के तीखे राजनीतिक टकराव की संभावना जताई जा रही है। खासकर दरभंगा की घटना को लेकर विपक्ष आक्रामक रुख अपनाए हुए है, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित होने के आसार हैं। अब देखना होगा कि सरकार विपक्ष के सवालों का किस तरह जवाब देती है और बजट से जुड़े अहम मुद्दों पर सदन में किस प्रकार की चर्चा होती है।