Patna Station Metro : इस जगह बन रहा पटना मेट्रो का सबसे बड़ा स्टेशन, तीन तल वाला इंटरचेंज स्टेशन भी हो रहा तैयार

पटना मेट्रो का सबसे बड़ा इंटरचेंज स्टेशन पटना जंक्शन के पास बन रहा है। तीन तल वाले इस स्टेशन से कॉरिडोर-वन और टू की मेट्रो सीधे जुड़ेंगी। प्लेटफार्म, एस्केलेटर और लिफ्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 09 Feb 2026 07:24:05 AM IST

Patna Station Metro : इस जगह बन रहा पटना मेट्रो का सबसे बड़ा स्टेशन, तीन तल वाला इंटरचेंज स्टेशन भी हो रहा तैयार

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Patna Station Metro : पटना में मेट्रो परियोजना एक नए पड़ाव पर पहुंच गई है। पटना जंक्शन के पास बनने वाला यह स्टेशन पूरे मेट्रो नेटवर्क का सबसे बड़ा स्टेशन होगा। तीन तल वाले इस स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 66 हजार यात्री आवागमन करेंगे। यह स्टेशन इंटरचेंज स्टेशन के रूप में कार्य करेगा और यहां से मेट्रो कॉरिडोर-वन और कॉरिडोर-टू के सभी स्टेशनों तक सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।


पटना मेट्रो स्टेशन का निर्माण बुद्धा पार्क के समीप हो रहा है। इसका प्लेटफार्म पटना जंक्शन के पास बने पुल के नीचे तक फैला हुआ होगा। वर्तमान में स्टेशन के लिए मिट्टी की जांच और घेराबंदी का काम शुरू हो चुका है। पहले तल पर टिकट काउंटर, जांच द्वार और अन्य यात्रियों की सुविधाएं होंगी। दूसरे और तीसरे तल पर प्लेटफार्म पहुंचने के लिए एस्केलेटर और लिफ्ट की व्यवस्था की जाएगी।


स्टेशन के दूसरे और तीसरे तल पर अलग-अलग प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। दूसरे तल के प्लेटफार्म से कॉरिडोर-टू के लिए मेट्रो ट्रेनें संचालित होंगी, जो पटना मेट्रो स्टेशन से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल स्टेशन तक जाएंगी। वहीं, तीसरे तल पर बने प्लेटफार्म से कॉरिडोर-वन के लिए ट्रेनें चलेंगी, जो पटना मेट्रो स्टेशन से दानापुर मेट्रो स्टेशन तक का मार्ग तय करेंगी। अलग प्लेटफार्म होने के कारण यात्रियों की भीड़ एक ही प्लेटफार्म पर नहीं रहेगी और संचालन सुचारू रहेगा।


कॉरिडोर-टू की ट्रेनें गांधी मैदान और दूरदर्शन केंद्र होते हुए पटना स्टेशन पहुंचेंगी। इसके बाद यह ट्रेनें उसी दिशा में वापस लौट जाएंगी। वहीं, कॉरिडोर-वन की मेट्रो दानापुर की दिशा से स्टेशन तक आएगी और मीठापुर होते हुए खेमनीचक तक जाएगी, फिर वापस उसी मार्ग पर लौटेगी।


दोनों कॉरिडोर से आने वाली ट्रेनें डाकबंगला चौराहा के पास जमीन के अंदर छह मीटर की दूरी पर एक साथ चलेंगी। आकाशवाणी से आने वाली मेट्रो ट्रेनें जमीन से 11-12 मीटर नीचे पहुंचेंगी और दूसरे तल पर प्लेटफार्म तक आएंगी। जबकि विद्युत भवन से आने वाली मेट्रो ट्रेनें तीसरे तल पर, जमीन से 23-24 मीटर नीचे प्लेटफार्म तक पहुंचेंगी।


पटना मेट्रो स्टेशन में तीन टनल का निर्माण होगा। इनमें से एक टनल आकाशवाणी की दिशा में पहले ही पूरा हो चुका है। बाकी दो टनल मीठापुर और विद्युत भवन की ओर निर्माणाधीन हैं, जिनके लिए खुदाई कार्य अब प्रारंभ किया जाएगा।


पटना मेट्रो का यह सबसे बड़ा स्टेशन न केवल शहर में आधुनिक परिवहन सुविधा प्रदान करेगा, बल्कि यात्रियों के लिए सुविधा और समय की बचत भी सुनिश्चित करेगा। भविष्य में यह स्टेशन पूरे पटना मेट्रो नेटवर्क का महत्वपूर्ण हब बनकर उभरेगा।