1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mon, 26 Jan 2026 12:57:46 PM IST
प्रतिकात्मक - फ़ोटो AI
Bihar News: बिहार के खेल जगत के लिए यह गर्व का क्षण है। राज्य में जल्द ही एक विश्वस्तरीय स्विमिंग अकादमी की स्थापना होने जा रही है, जहां से वर्ल्ड क्लास तैराक तैयार किए जाएंगे। इस प्रस्ताव पर उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में औपचारिक सहमति बनी है।
यह बैठक ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया की वार्षिक महासभा के दौरान आयोजित हुई, जिसमें बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण, खेल विभाग के सचिव महेंद्र कुमार और ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के महानिदेशक कैप्टन हुसैन शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि कैप्टन हुसैन वर्ल्ड एक्वेटिक्स फेडरेशन के अध्यक्ष भी हैं।
बैठक में बिहार में स्विमिंग और एक्वेटिक खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। वर्ल्ड स्विमिंग फेडरेशन के सहयोग से बनने वाली यह अकादमी राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय कोचिंग से जोड़ने का काम करेगी। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने इस पहल को बिहार के खेल भविष्य के लिए मील का पत्थर बताया और कहा कि इससे बिहार की पहचान वैश्विक खेल मंच पर मजबूत होगी।
वर्ल्ड एक्वेटिक्स फेडरेशन के अध्यक्ष कैप्टन हुसैन ने खेलों के साथ शिक्षा को समान रूप से आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण बेहद जरूरी है।
इसी सोच के तहत प्रस्तावित स्विमिंग डेवलपमेंट अकादमी और ग्रासरूट स्विमिंग स्कूलों में हॉस्टल सुविधाओं के साथ-साथ अच्छी शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है, ताकि खिलाड़ी खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन बना सकें।
बैठक में बिहार में स्विमिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, आधुनिक स्विमिंग पूल, उन्नत कोचिंग सिस्टम और एथलीट डेवलपमेंट प्रोग्राम पर भी चर्चा हुई। साथ ही राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्विमिंग प्रतियोगिताओं के आयोजन की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण ने बताया कि राज्य की नेशनल चैंपियन माही श्वेत राज को बेहतर प्रशिक्षण के लिए वर्ल्ड स्विमिंग फेडरेशन के सहयोग से विदेश भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल बिहार के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
अब तक संसाधनों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग के अभाव में बिहार के प्रतिभाशाली तैराक पीछे रह जाते थे, लेकिन विश्वस्तरीय स्विमिंग अकादमी के शुरू होने से यह स्थिति बदलने वाली है। यहां से तैयार खिलाड़ी भविष्य में ओलंपिक, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर बिहार और देश का नाम रोशन कर सकेंगे।