1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 21, 2026, 7:49:48 AM
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BIHAR NEWS : बिहार की राजधानी पटना के दानापुर अनुमंडल स्थित ढिबरा इलाके से एक बेहद चिंताजनक और दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां निर्माणाधीन पुल अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में दो मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस घटना ने न केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्रशासन और ठेकेदार की लापरवाही को भी उजागर कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, विजय सिंह पथ से ढिबरा तक सड़क और पुल निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा था। इसी दौरान अचानक पुल का ढांचा ताश के पत्तों की तरह ढह गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां काम कर रहे मजदूर संभल भी नहीं पाए और मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया। जेसीबी मशीन की सहायता से मलबे को हटाकर एक मजदूर को बाहर निकाला गया, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वहीं दूसरा मजदूर पुलिया के नीचे छिपकर किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और निर्माण कार्य में भारी अनियमितता का आरोप लगाने लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल का निर्माण बेहद घटिया तरीके से किया जा रहा था। उनका आरोप है कि पुल को बिना किसी मजबूत पिलर या बेस के सीधे मिट्टी पर खड़ा किया जा रहा था, जो किसी भी समय गिर सकता था। इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि निर्माण में सरिया का इस्तेमाल नहीं किया गया और बेहद खराब गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा था।
ग्रामीणों ने बताया कि इस इलाके में इसी तरह के दो पुल बनाए जा रहे थे, जिनमें से एक अब गिर चुका है, जबकि दूसरा पुल भी उसी कमजोर तकनीक से तैयार किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह दूसरा पुल भी कभी भी गिर सकता है और बड़ा हादसा हो सकता है।
इस घटना के बाद ढिबरा गांव में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय निवासी अनिल कुमार, रामजी और सुदर्शन कुमार सहित कई ग्रामीणों ने ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही सीधे-सीधे लोगों की जान से खिलवाड़ है और इसमें शामिल दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि तुरंत दूसरे पुल की जांच कराई जाए और जब तक उसकी गुणवत्ता की पुष्टि न हो, तब तक निर्माण कार्य को रोक दिया जाए। साथ ही उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिरकार सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कब तक जारी रहेगी। यदि समय रहते इस पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसे हादसे भविष्य में और भी गंभीर रूप ले सकते हैं।