दुलारचंद हत्याकांड: बाढ़-मोकामा में नये अधिकारियों की तैनाती, चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन

मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद चुनाव आयोग ने सख्त कार्रवाई की है। पटना ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग सहित चार अधिकारियों का तबादला किया गया है, जबकि एक अधिकारी को निलंबित किया गया है। बाढ़ और मोकामा में नए एसडीओ व एसडीपीओ की तैनाती की गई है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 01 Nov 2025 07:52:06 PM IST

बिहार

- फ़ोटो सोशल मीडिया

MOKAMA: मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। पटना के ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग सहित 4 अधिकारियों का ट्रांसपर किया गया तो वही एक अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया गया है। पटना नगर निगम के एडिसनल म्युनिसिपल कमिश्नर 2022 बैच के आईएएस अधिकारी आशिष कुमार को बाढ़ में एसडीओ चंदन कुमार की जगह तैनात किया गया है।


चंदन कुमार का तबादला किया गया है। वही सीआईडी के डिप्टी सुपरिडेंट ऑफ पुलिस आनंद कुमार सिंह को बाढ़-1 एसडीपीओ राकेश कुमार की जगह भेजा गया है। वही एटीएस के डीएसपी आयुष श्रीवास्तव को बाढ़-2 एसडीपीओ अभिषेक सिंह की जगह भेजा गया है। 


 वही पटना के ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग को आयोग ने हटाने का आदेश दिया है। 2 नवम्बर को दोपहर 12 बजे तक इस हत्याकांड की रिपोर्ट मांगी गयी है। बता दें कि दुलारचंद यादव की हत्या के बाद चुनाव आयोग ने बिहार के डीजीपी और पटना डीएम से रिपोर्ट मांगी थी। जिसके बाद आज यह कार्रवाई की गयी है।  


गौरतलब है कि मोकामा विधानसभा क्षेत्र में यह घटना जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह और जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच हुई झड़प के दौरान हुई थी। शुरुआती रिपोर्ट और एफआईआर में दुलारचंद यादव की हत्या को गोली लगने से जोड़ा गया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि उनकी हत्या जानबूझकर की गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस धारणा को पूरी तरह से चुनौती दी है। रिपोर्ट में साफ कहा गया कि उनके सीने पर गाड़ी चढ़ने से हड्डी टूट गई और फेफड़े फट गए, जिससे उनकी मौत हुई।


मेडिकल टीम ने शुक्रवार को बाढ़ में मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में करीब दो घंटे तक पोस्टमार्टम किया। तीन डॉक्टरों की टीम ने घटना की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए हर पहलू का गहन अध्ययन किया। पोस्टमार्टम की यह रिपोर्ट न केवल दुलारचंद यादव के परिवार के लिए बल्कि जांच में लगे अधिकारियों के लिए भी बड़ी चुनौती साबित हुई है। अब यह स्पष्ट हो गया है कि गोली केवल बाहरी चोट थी और मौत का कारण नहीं थी।


 मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड पर पुलिस का बयान आया है। पटना के एसएसपी कार्तिकेय एस शर्मा ने बताया कि इस मामले में अबतक कुल चार एफआईआर दर्ज किए गए हैं। दोनों उम्मीदवारों और पुलिस के द्वारा केस दर्ज कराए गए हैं। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता उल्लंघन को लेकर भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसके अलावा पोस्टमार्टम के लिए डेड बॉडी को ले जाने के दौरान पथराव की जो घटना हुई थी, उसको लेकर भी एक एफआईआर दर्ज हुआ है।


उन्होंने बताया कि इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कई लोगों से पूछताछ चल रही है। फिलहाल इलाके में हालात सामान्य हैं। जगह-जगह पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। छाती और फेफड़े में चोट के कारण दुलारचंद यादव की मौत हुई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच चल रही है। जैसे-जैसे जानकारी सामने आएगी इसके बारे में बताया जाएगा।


वहीं दुलारचंद यादव के पोते द्वारा धमकी दिए जाने पर एसएसपी ने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कानून को हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। घटना को लेकर कई तरह के वीडियो फुटेज भी सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पूरी जानकारी सामने आएगी कि घटना कैसे हुई है। एसएसपी ने लोगों और सोशल मीडिया चैनल से अपील की है कि वह अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। पुराने वीडियो को भी तोड़ मड़ोड़कर पेश किया जा रहा है। जांच के बाद बातें कुछ और ही निकलकर सामने आ रही है। हमारी टीमें वहां पर लगी हुई हैं। मामले में लापरवाही बरतने वाले दो थानेदारों को सस्पेंड किया गया है।