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Corruption in Bihar: EOU की बड़ी कार्रवाई, लेखपाल राजेश कुमार के 6 ठिकानों पर छापेमारी; बेहिसाब संपत्ति की जांच जारी

Corruption in Bihar: बिहार में भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई किया है, जिसमें राज्य खाद्य निगम में पदस्थापित लेखपाल राजेश कुमार के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 27, 2025, 8:58:26 AM

Corruption in Bihar

बिहार में भ्रष्टाचार का खुलासा - फ़ोटो GOOGLE

Corruption in Bihar: बिहार में भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य खाद्य निगम में पदस्थापित लेखपाल राजेश कुमार के छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। राजेश कुमार वर्तमान में मोतिहारी में पदस्थापित हैं।


EOU ने आय से 201.94% अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में राजेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जांच में यह पाया गया कि उन्होंने अपने ज्ञात वैध स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है। EOU की टीम ने कोर्ट से सर्च वारंट प्राप्त करने के बाद छापेमारी की कार्रवाई की।


छापेमारी की यह कार्रवाई पटना, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और हाजीपुर में स्थित कुल छह ठिकानों पर की जा रही है। इन ठिकानों में उनके आवास, पैतृक घर, रिश्तेदारों के ठिकाने और कुछ अन्य संदिग्ध संपत्तियां शामिल हैं। बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध लेन-देन से संबंधित कागजात बरामद हुए हैं।


EOU के मुताबिक,  प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि राजेश कुमार ने नकद लेन-देन, अचल संपत्ति में निवेश और कई फर्जी खातों के माध्यम से काले धन को वैध बनाने की कोशिश की है। इसके अलावा उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों के नाम पर भी संपत्तियां पाई गई हैं, जिनकी जांच की जा रही है।


EOU के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है। संपत्ति और दस्तावेजों की विस्तृत जांच की जा रही है। तलाशी की समाप्ति के बाद ही संपत्ति का सटीक मूल्यांकन और विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। 


EOU अब जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण करने के बाद राजेश कुमार की संपत्ति के स्रोतों की जांच करेगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) और अन्य भ्रष्टाचार विरोधी धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है।