Hindi News / bihar / patna-news / e-rickshaw ban : नेशनल और स्टेट हाईवे पर ई-रिक्शा का परिचालन बंद, जुगाड़...

e-rickshaw ban : नेशनल और स्टेट हाईवे पर ई-रिक्शा का परिचालन बंद, जुगाड़ गाड़ियों पर भी पूर्ण प्रतिबंध

राज्य परिवहन विभाग ने नेशनल हाईवे (NH) और स्टेट हाईवे (SH) पर ई-रिक्शा के परिचालन पर पूर्ण रोक लगा दी है। विभाग ने सभी जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे हाईवे पर ई-रिक्शा चलाने पर रोक लागू करें।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 18, 2026, 8:42:41 AM

e-rickshaw ban : नेशनल और स्टेट हाईवे पर ई-रिक्शा का परिचालन बंद, जुगाड़ गाड़ियों पर भी पूर्ण प्रतिबंध

- फ़ोटो

e-rickshaw ban : राज्य परिवहन विभाग ने नेशनल हाईवे (NH) और स्टेट हाईवे (SH) पर ई-रिक्शा (इलेक्ट्रिक रिक्शा) के परिचालन पर पूर्ण रोक लगाने का आदेश जारी किया है। विभाग ने इस संबंध में सभी जिला परिवहन अधिकारियों (DTO) को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित मार्गों पर ई-रिक्शा के परिचालन को रोकें। इस आदेश के बाद पटना में भी प्रमुख हाईवे मार्गों पर ई-रिक्शा चलाने पर पाबंदी लागू हो गई है।


परिवहन विभाग के निर्देश के अनुसार पटना में न्यू बायपास, बिहटा–सरमेरा रोड, पटना–गया रोड, फुलवारी शरीफ–दानापुर–बिहटा रोड पर यह आदेश लागू होगा। इन मार्गों पर अब ई-रिक्शा का परिचालन पूरी तरह से बंद रहेगा। साथ ही राज्य के 3617 किलोमीटर स्टेट हाईवे और 6389 किलोमीटर नेशनल हाईवे पर भी ई-रिक्शा की आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा। कुल मिलाकर राज्य में लगभग 10,000 किलोमीटर हाईवे पर ई-रिक्शा चलाने पर रोक लगाई गई है।


जुगाड़ गाड़ियों पर भी प्रतिबंध

परिवहन विभाग ने जुगाड़ (जुगाड़ू) गाड़ियों के परिचालन पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह गाड़ियाँ अक्सर बिना पंजीकरण, बिना फिटनेस प्रमाण पत्र और बिना बीमा के चलती हैं, जो मोटर वाहन अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। विभाग ने कहा है कि यह कदम सड़क सुरक्षा और यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।


जुगाड़ गाड़ियाँ तकनीकी रूप से सुरक्षित नहीं होतीं। इन्हें मानक के अनुसार नहीं बनाया जाता, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इनका उपयोग यात्री और माल ढुलाई दोनों के लिए किया जाता है। इनमें ब्रेक प्रणाली भरोसेमंद नहीं होती और लाइट, संकेतक तथा अन्य सुरक्षा उपकरण भी नहीं लगे होते। यही कारण है कि जुगाड़ गाड़ियों के कारण दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है।


सड़क सुरक्षा के लिए कदम

परिवहन विभाग ने बताया कि ई-रिक्शा और जुगाड़ गाड़ियों पर यह प्रतिबंध सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और हाईवे पर यातायात को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से लगाया गया है। हाईवे पर वाहनों की गति अधिक होती है, इसलिए ऐसे मार्गों पर असुरक्षित और बिना मानक के वाहन चलाना खतरनाक हो सकता है। विभाग ने कहा कि हाईवे पर ई-रिक्शा के संचालन से ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है।


लागत और रोजगार पर प्रभाव

हालांकि ई-रिक्शा और जुगाड़ गाड़ियाँ गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए सस्ती और किफायती परिवहन का साधन रही हैं। कई लोग इन्हीं के जरिए रोज़गार और आजीविका चलाते हैं। ऐसे में इस प्रतिबंध का प्रभाव इन लोगों की आय पर पड़ेगा। हालांकि सरकार ने कहा है कि सड़क सुरक्षा प्राथमिकता है और नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है।


विकल्प और समाधान

परिवहन विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि ई-रिक्शा और जुगाड़ गाड़ियों के चालक और मालिकों को वैकल्पिक मार्गों और सुरक्षित परिवहन विकल्पों की ओर मार्गदर्शन किया जाएगा। साथ ही विभाग ने बताया कि यदि ई-रिक्शा मालिक वाहन को नियमों के अनुसार पंजीकृत कराते हैं और आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा करते हैं तो भविष्य में कुछ शर्तों के साथ इन्हें अन्य मार्गों पर अनुमति मिल सकती है।


राज्य सरकार का यह कदम सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और हाईवे पर यातायात को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि इससे कुछ लोगों की आजीविका पर असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार का कहना है कि नियमों का पालन और यात्री सुरक्षा सर्वोपरि है। हाईवे पर अब ई-रिक्शा और जुगाड़ गाड़ियों का परिचालन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।