1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 26 Jan 2026 07:49:49 AM IST
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Shambhu Girls Hostel Patna : जहानाबाद की नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में अब जांच ने गंभीर मोड़ ले लिया है। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म के अवशेष मिलने के बाद यौन उत्पीड़न की पुष्टि हो चुकी है। इसके बाद राज्य सरकार के निर्देश पर सीआईडी की टीम भी सक्रिय हो गई है और अब एसआईटी के साथ मिलकर मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
रविवार को सीआईडी के अधिकारी, एफएसएल के निदेशक विपिन कुमार चौधरी और एसआईटी की संयुक्त टीम मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। टीम ने करीब दो घंटे तक हॉस्टल के ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवें तल्ले तक बारीकी से जांच की। इस दौरान हॉस्टल के कमरों, सीढ़ियों, गलियारों और आसपास के क्षेत्रों की भी पड़ताल की गई। एसआईटी की ओर से जक्कनपुर थाने के थानाध्यक्ष रितुराज भी पूरे अभियान में मौजूद रहे।
जांच टीम ने उन तमाम जगहों को भी खंगाला, जहां से पहले सीसीटीवी फुटेज निकाले गए थे। इसके साथ ही कॉलेज ऑफ कॉमर्स से सटे होटल गली में भी टीम ने छानबीन की। जांच के बाद सीआईडी, एफएसएल और एसआईटी के अधिकारियों ने चित्रगुप्त नगर थाने में काफी देर तक आपसी मंत्रणा की। हालांकि, जांच से जुड़े किसी भी अधिकारी ने मीडिया के सामने बयान देने से इनकार कर दिया।
डीएनए प्रोफाइल तैयार, 15 लोगों का होगा टेस्ट
एफएसएल रिपोर्ट के बाद अब जांच का फोकस डीएनए मिलान पर आ गया है। छात्रा के कपड़ों पर मिले स्पर्म का डीएनए प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है। इस प्रोफाइल में हॉस्टल के मकान मालिक मनीष रंजन सहित कुल 15 लोगों को शामिल किया गया है। इन सभी का एक-एक कर डीएनए टेस्ट कराया जाएगा और उसका मिलान छात्रा के कपड़ों से मिले सैंपल से किया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन 15 लोगों में वे लोग भी शामिल हैं, जिनसे छात्रा की मोबाइल पर लंबे समय तक बातचीत होती थी। पुलिस ने छात्रा के मोबाइल नंबर का सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवाकर संदिग्धों के नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि डीएनए रिपोर्ट से आरोपियों तक पहुंचने में बड़ी मदद मिलेगी।
हॉस्टल की छात्राओं को लौटाया गया सामान
लगातार चल रही जांच के कारण शंभू गर्ल्स हॉस्टल को बीते कई दिनों से सील कर दिया गया था। हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का सारा सामान उनके कमरों में ही बंद था। कई छात्राएं और उनके अभिभावक पिछले 15 दिनों से अपने सामान के लिए परेशान थे।
रविवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पुलिस ने हॉस्टल का मुख्य गेट खोला। इसके बाद एक-एक कर सभी कमरों को खोला गया और छात्राओं को उनके कपड़े, मार्कशीट और अन्य जरूरी सामान सौंपे गए। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। हॉस्टल में वैशाली, औरंगाबाद, जहानाबाद समेत कई जिलों की छात्राएं रह रही थीं। इस दौरान अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने हॉस्टल में रहने के लिए सात हजार रुपये एडवांस दिए थे, जो अब डूब गए हैं। फिलहाल वे बच्चों को घर ले जाकर आगे का फैसला करेंगे।
पिता का आरोप: गलत दिशा में जा रही जांच
छात्रा के पिता ने पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी के हत्यारों को पकड़ने के बजाय पुलिस बार-बार परिवार पर ही शक कर रही है। एसआईटी तीन से अधिक बार उनके घर आ चुकी है और हर बार एक जैसे सवाल पूछे जा रहे हैं, जिससे पूरा परिवार मानसिक रूप से टूट चुका है।
पिता ने आरोप लगाया कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक असली दोषियों तक नहीं पहुंच सकी है। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि उनकी बेटी के साथ घिनौनी हरकत कर उसकी हत्या की गई है और दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बेटी के व्यवहार, पढ़ाई के दबाव और पारिवारिक माहौल को लेकर बेवजह सवाल उठा रही है। ममेरे भाई से बातचीत को भी गलत ढंग से पेश किया जा रहा है, जबकि दोनों भाई-बहन थे।
घटनाक्रम की समयरेखा :
5 जनवरी: छात्रा जहानाबाद स्थित घर से हॉस्टल लौटी
6 जनवरी: तबीयत बिगड़ने पर सहज सर्जरी और फिर प्रभात मेमोरियल अस्पताल में भर्ती
9 जनवरी: मेदांता अस्पताल रेफर
11 जनवरी: इलाज के दौरान मौत
12 जनवरी: पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया
13 जनवरी: परिजनों ने घिनौनी हरकत का आरोप लगाते हुए हंगामा किया
16 जनवरी: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की संभावना
17 जनवरी: एसआईटी का गठन, हॉस्टल सील
24 जनवरी: एफएसएल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि, दो पुलिस अधिकारी निलंबित
25 जनवरी: सीआईडी ने जांच की कमान संभाली
अब सबकी नजरें डीएनए रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस सनसनीखेज मामले में सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।