1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mon, 26 Jan 2026 10:59:53 AM IST
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देश आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, गौरव और राष्ट्रीय एकता के भाव के साथ मना रहा है। इस अवसर पर बिहार समेत पूरे देश में सरकारी, अर्धसरकारी और राजनीतिक संस्थानों में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। बिहार में भी गणतंत्र दिवस का पर्व पारंपरिक उल्लास और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता के साथ मनाया गया।
इस मौके पर बिहार भाजपा दफ्तर में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी और भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। ध्वजारोहण के बाद उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें भारत के संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि संविधान ही देश की आत्मा है, जिसने हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार दिया है।
संजय ने अपने संबोधन में कहा कि 15 अगस्त 1947 को आज़ादी मिलने के बाद 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपना संविधान लागू कर स्वयं को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया। यही कारण है कि 26 जनवरी का दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक सफर का ऐतिहासिक प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे संविधान में निहित मूल्यों को अपने जीवन में अपनाएं और बिहार व देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर सम्राट ने स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं को नमन करते हुए कहा कि उनकी कुर्बानियों और दूरदर्शिता के कारण ही आज भारत विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में पहचान बना पाया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश और राज्य को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, जिन्हें संविधान के आदर्शों के अनुरूप राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
कुल मिलाकर, 77वें गणतंत्र दिवस पर बिहार में आयोजित कार्यक्रमों ने संविधान के प्रति सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को एक बार फिर दोहराया। यह दिन देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना, जो हमें अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देता है।