1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 25, 2026, 7:59:42 AM
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DESK: मिडिल ईस्ट में छिड़े जंग ने अब भारत के लोगों की मुश्किलें बढ़ानी शुरू कर दी है. देश में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव कर दिया गया है। गैस कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव करते हुए रिफिल बुकिंग के बीच अनिवार्य समय अंतराल को बढ़ा दिया है। सरकार कह रही है कि इस फैसले का उद्देश्य गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाना और LPG के वितरण को अधिक पारदर्शी बनाना है।
घरेलू सिलेंडर के लिए बढ़ा इंतजार
नए नियमों के तहत, 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी और अगली बुकिंग के बीच का अंतराल 25 दिनों से बढ़ाकर 35 दिन कर दिया गया है। यानी अब उपभोक्ताओं को नया सिलेंडर बुक करने के लिए पहले से ज्यादा इंतजार करना होगा।
शहरी परिवारों पर ज्यादा असर
इस बदलाव का सीधा असर उन शहरी परिवारों पर पड़ेगा, जिनके पास डबल सिलेंडर कनेक्शन (दो सिलेंडर) हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को अब पिछली डिलीवरी की तारीख से 35 दिन पूरे होने के बाद ही अगली बुकिंग की अनुमति मिलेगी।
अलग-अलग उपभोक्ताओं के लिए अलग नियम
गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं की श्रेणी के अनुसार बुकिंग का समय अलग-अलग तय किया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) उपभोक्ता को अगली रिफिल बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार करना होगा।वहीं सामान्य उपभोक्ता जिनके पास सिंगल सिलेंडर कनेक्शन उन्हें 25 दिन बाद बुकिंग करने की सुविधा मिलेगी. लेकिन मुश्किल में डबल सिलेंडर कनेक्शन वाले पड़ेंगे.उन्हें 35 दिन बाद बुकिंग की अनुमति होगी.
छोटे सिलेंडरों के लिए भी नियम तय
केवल 14.2 किलो सिलेंडर ही नहीं, छोटे सिलेंडरों के लिए भी समय सीमा निर्धारित की गई है. 5 किलो सिलेंडर के लिए 9 से 16 दिन का अंतराल होगा. वहीं, 10 किलो सिलेंडर के लिए 18 से 32 दिन का अंतराल तय किया गया है.
सबसे अहम शर्त
नए नियम के तहत बुकिंग की पात्रता ‘पिछली डिलीवरी की तारीख’ से तय होगी, न कि बुकिंग की तारीख से अगर कोई उपभोक्ता तय समय सीमा से पहले बुकिंग करने की कोशिश करता है, तो सिस्टम उसे स्वतः ब्लॉक कर देगा।
हेल्पलाइन नंबर जारी
उपभोक्ता किसी भी समस्या या जानकारी के लिए गैस कंपनियों के टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं।
पहले भी बढ़ चुका है गैप
गौरतलब है कि हाल ही में सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रिफिल बुकिंग का अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन किया था। अब इसे और बढ़ाकर 35 दिन कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इससे गैस की खपत पर नियंत्रण और सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाया जा सकेगा।
कमर्शियल सिलेंडर पर भी दबाव
घरेलू गैस के साथ-साथ 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई भी दबाव में है। सरकार ने राज्यों के लिए इसके आवंटन में 20% की अतिरिक्त वृद्धि की है, लेकिन इसका असर जमीनी स्तर पर दिखने में कुछ दिन लग सकते हैं।
छोटे कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें
कमर्शियल गैस की कमी के चलते छोटे होटल, ढाबे और भोजनालय प्रभावित हो रहे हैं। कई जगहों पर कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है। वहीं कुछ घरेलू परिवारों को भी गैस की कमी के कारण वैकल्पिक ईंधन जैसे लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है।
क्या होगा असर
इस नए नियम के लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को गैस का उपयोग अधिक सावधानी से करना होगा। साथ ही समय से पहले बुकिंग संभव नहीं होने के कारण उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार पहले से योजना बनानी पड़ेगी।