1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 25, 2026, 7:40:35 AM
- फ़ोटो
BIHAR NEWS : बिहार में सड़क और पुल निर्माण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि सामने आने जा रही है। बख्तियारपुर से ताजपुर तक बनने वाला फोरलेन सड़क और गंगा पुल प्रोजेक्ट तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार इस महत्वाकांक्षी परियोजना का करीब 65 फीसदी काम पूरा हो चुका है और दिसंबर 2026 तक सड़क पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगी, जबकि गंगा नदी पर बन रहा पुल जून 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।
करीब 51 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 5.5 किलोमीटर लंबा गंगा पुल भी शामिल है, जो इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे अहम हिस्सा है। पुल निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है और इसके 44 पिलर पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। इंजीनियरों के अनुसार, पुल का फाउंडेशन कार्य पूरा हो चुका है और अब सुपर स्ट्रक्चर पर काम किया जा रहा है। पिलरों के ऊपर सेगमेंट रखने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
यह परियोजना बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (BSRDC) के तहत पथ निर्माण विभाग द्वारा करीब 3929 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है, जिससे आम लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
फिलहाल बख्तियारपुर और समस्तीपुर दोनों ओर से गंगा नदी में पुल निर्माण कार्य जारी है। वहीं, ताजपुर से चकलालशाही तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। चकलालशाही से गंगा नदी तक और करजान (बख्तियारपुर) से गंगा नदी तक सड़क निर्माण तेजी से प्रगति पर है। अधिकारियों का दावा है कि इस साल के अंत तक पूरा सड़क मार्ग तैयार हो जाएगा।
इस परियोजना के पूरा होने से राज्य के प्रमुख पुलों—महात्मा गांधी सेतु और राजेंद्र सेतु—पर पड़ने वाले यातायात के दबाव में काफी कमी आएगी। साथ ही समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और बेगूसराय की ओर जाने वाले वाहनों को एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा, जिससे यात्रा आसान और तेज हो जाएगी।
बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन परियोजना की खास बात यह है कि यह कई राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ेगी। यह सड़क ताजपुर में एनएच-122, चकलालशाही में एनएच-322 और करजान (बख्तियारपुर) के पास एनएच-31 से जुड़ते हुए अंततः एनएच-28 को कनेक्ट करेगी। इससे न केवल राज्य के भीतर बल्कि अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।
यह पुल मिथिलांचल और मगध क्षेत्र को सीधे जोड़ने का काम करेगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। नेपाल और झारखंड के साथ व्यापार और परिवहन में भी तेजी आने की संभावना है। इसके अलावा, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचने में लगने वाला समय भी काफी कम हो जाएगा।
स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए यह परियोजना किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। इससे न केवल यात्रा सुगम होगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। कुल मिलाकर, बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन और गंगा पुल परियोजना बिहार के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होने जा रही है।