LPG cylinder : कॉमर्शियल सिलेंडर को लेकर सरकार का बड़ा फैसला! शुरू हुआ यह काम, PNG पर शिफ्ट हों लोग

सरकार ने कहा कि युद्ध जैसी स्थिति में भी पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं होगी। LPG पर सख्ती के बीच 1400 ठिकानों पर छापेमारी और PNG अपनाने की अपील।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 15, 2026, 8:39:22 AM

LPG cylinder : कॉमर्शियल सिलेंडर को लेकर सरकार का बड़ा फैसला! शुरू हुआ यह काम, PNG पर शिफ्ट हों लोग

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LPG cylinder : देश और दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की किसी तरह की कमी नहीं है। सरकार ने कहा है कि युद्ध जैसी स्थिति बनने पर भी देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। हालांकि एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर प्रशासन ने सख्ती जरूर बढ़ा दी है, लेकिन आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।


पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार देश में ईंधन भंडार पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और तेल कंपनियों के पास कई दिनों की आपूर्ति का सुरक्षित स्टॉक मौजूद है। मंत्रालय ने बताया कि 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अब कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई भी व्यवस्थित रूप से शुरू कर दी गई है, ताकि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक संस्थानों को किसी तरह की परेशानी न हो।


सरकार ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के वितरण की जिम्मेदारी राज्य सरकारों को सौंप दी है। राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करें और यह सुनिश्चित करें कि सिलेंडर की आपूर्ति में किसी तरह की बाधा न आए। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन को कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।


मंत्रालय ने यह भी बताया कि देश में एलपीजी के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए घरेलू उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, ताकि आपूर्ति व्यवस्था स्थिर बनी रहे। इसके अलावा आयात की व्यवस्था भी जारी है और तेल कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।


इसी बीच सरकार ने आम उपभोक्ताओं से एलपीजी के विकल्प के तौर पर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) अपनाने की अपील भी की है। मंत्रालय के मुताबिक फिलहाल देश में करीब 33 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से लगभग 60 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जो तुरंत पीएनजी पर शिफ्ट हो सकते हैं। अगर ये उपभोक्ता पीएनजी को अपनाते हैं तो एलपीजी सिलेंडर पर दबाव कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों तथा जरूरतमंद लोगों तक सिलेंडर की आपूर्ति बेहतर तरीके से हो सकेगी।


मंत्रालय का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। कई बड़े शहरों में पहले से ही पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है और आने वाले समय में इसे और अधिक शहरों तक पहुंचाने की योजना है। पीएनजी को एलपीजी की तुलना में सुरक्षित और सुविधाजनक भी माना जाता है, क्योंकि इसमें सिलेंडर बदलने की आवश्यकता नहीं होती।


दूसरी ओर एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर रोक लगाने के लिए देशभर में व्यापक कार्रवाई शुरू की गई है। महाराष्ट्र, गोवा, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में प्रशासन और तेल कंपनियों की संयुक्त टीमों ने बड़े पैमाने पर छापेमारी की है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक 1400 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई है, जहां अवैध रूप से सिलेंडर जमा किए जाने या ब्लैक मार्केटिंग की आशंका थी।


इन छापेमारी अभियानों के दौरान कई स्थानों से बड़ी संख्या में सिलेंडर जब्त किए गए हैं और संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो भी लोग एलपीजी की कालाबाजारी या अवैध भंडारण में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


सरकार ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा एलपीजी सिलेंडर जमा न करें। मंत्रालय का कहना है कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रण में है और आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।