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Bihar food safety : मोकामा शादी रिसेप्शन में सड़े हुए पनीर-रसगुल्ला से 500 लोग बीमार, खाद्य विभाग ने जारी की जांच रिपोर्ट

बिहार के मोकामा के औंटा में शादी रिसेप्शन में परोसे गए दूषित पनीर और रसगुल्ला खाने से 500 से अधिक लोग बीमार हो गए। खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट में बैक्टीरिया और फंगस की उच्च मात्रा पाई गई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 06, 2025, 8:52:03 AM

Bihar food safety : मोकामा शादी रिसेप्शन में सड़े हुए पनीर-रसगुल्ला से 500 लोग बीमार, खाद्य विभाग ने जारी की जांच रिपोर्ट

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Bihar food safety, बिहार के पटना जिले के मोकामा प्रखंड के औंटा गांव में हाल ही में आयोजित एक शादी के रिसेप्शन (बहू भोज) में करीब 500 से अधिक लोग बीमार पड़ गए थे। अब इस घटना की जांच के बाद खाद्य विभाग ने इसकी वजह सामने रख दी है। विभाग की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि भोज में परोसे गए पनीर और रसगुल्ला पूरी तरह से दूषित थे। वहीं, हल्दी की गुणवत्ता भी खराब पाई गई, लेकिन उसका प्रभाव इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बीमार करने के लिए कम ही माना जा रहा है।


फूड इंस्पेक्टर अजय कुमार ने बताया कि औंटा में आयोजित भोज में परोसा गया भोजन विषाक्त था, जिसके कारण 500 से अधिक लोग बीमार हो गए। घटना के बाद खाद्य विभाग ने मौके पर कई नमूने जब्त कर लैब में जांच के लिए भेजे थे। लैब रिपोर्ट में सामने आया कि पनीर और रसगुल्ला में बैक्टीरिया और फंगस का स्तर सामान्य से कई गुना अधिक था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जब्त किए गए खाद्य पदार्थों में सूक्ष्म जीवों की संख्या लगभग 88 लाख पाई गई, जबकि मानक के अनुसार यह संख्या केवल साढ़े तीन लाख तक होनी चाहिए।


बताया गया है कि भोज में शामिल अधिकांश लोग अगले दिन सुबह ही बीमार महसूस करने लगे। उन्हें पेट दर्द, उलटी, दस्त और तेज बुखार जैसी शिकायतें हुई। इसके बाद ग्रामीणों में अफरातफरी का माहौल फैल गया। स्थानीय पीएचसी मरांची, रेफरल अस्पताल और निजी अस्पतालों में अचानक बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने लगे। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी तुरंत गांव पहुंची और लोगों का इलाज किया।


फूड इंस्पेक्टर अजय कुमार ने बताया कि दूषित भोजन के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ने का मुख्य कारण पनीर और रसगुल्ला में अत्यधिक बैक्टीरिया और फंगस पाया जाना है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि भोज की सामग्री लंबे समय तक सुरक्षित वातावरण में नहीं रखी गई थी, जिसके कारण उसमें सूक्ष्म जीवों की संख्या बढ़ गई।


स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त की है और भोज के आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने कहा कि खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गांव में भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के कदम उठाए जाएंगे।


इस घटना ने एक बार फिर भोज और बड़े आयोजनों में खाद्य सुरक्षा के महत्व को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन को हमेशा साफ-सुथरे और सुरक्षित वातावरण में संग्रहित करना चाहिए। अगर खाद्य पदार्थ समय पर फ्रिज या उचित तापमान पर नहीं रखे गए तो उनमें बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ सकते हैं, जिससे खाने वालों को गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं।


मोकामा की इस घटना ने यह साबित कर दिया कि शादी या अन्य बड़े आयोजनों में भोजन की गुणवत्ता की निगरानी करना अत्यंत आवश्यक है। खाद्य विभाग ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे किसी भी बड़े भोज या समारोह में भोजन ग्रहण करने से पहले उसकी ताजगी और सुरक्षा सुनिश्चित करें।गांववासियों ने कहा कि इस घटना ने उन्हें काफी चिंतित कर दिया है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए नियमित निरीक्षण और जागरूकता अभियान चलाए जाएँ।