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कपकपाती ठंड में अचानक बढ़ा मौत का आंकड़ा, कफन पर सुपन भगत देने लगे बंपर डिस्काउंट

बिहार में ठंड की तेज़ी से बढ़ी मौतों के बीच अंतिम संस्कार की सामग्रियों की मांग बढ़ गई है। सुपन भगत एवं अन्य दुकानदार कफन, पितांबरी, अर्थी एवं अन्य 32 सामानों पर 30% तक छूट दे रहे हैं।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 07, 2026, 7:42:49 PM

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कफन पर बंपर डिस्काउंट ऑफर! - फ़ोटो REPORTER

PATNA: बिहार में ठंड का कहर जारी है। पिछले कई दिनों से कपकपाती ठंड ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। अचानक पटना के कई अस्पतालों में ब्रेन हेमरेज, लकवा और ठंड लगने से बीमार मरीजों की संख्या बढ़ी है। वही आए दिन कई लोगों की इन बीमारियों से मौतें भी हो रही है। ठंड के मौसम में श्मशान घाट पर भी भीड़ देखी जा रही है। अचानक श्मशान घाट पर दाह संस्कार के लिए लाशों के आने की संख्या भी बढ़ गयी है।


 सुपन भगत, पंडित, नाई, लकड़ी बेचने वाले, कफन बेचने वाले, अर्थी बेचने वाले सभी की कमाई भी बढ़ गयी है। इनके बीच अब कंपीटिशन की भावना पैदा हो गयी है। यही कारण है कि अब ये लोग कफन सहित दाह संस्कार के अन्य सामग्रियों पर बंपर डिस्काउंट भी दे रहे हैं। ये लोग अंतिम संस्कार के सामानों पर 30 प्रतिशत तक छूट दे रहे हैं। कफन सहित अन्य सामानों पर बंपर छूट दिये जाने का पोस्टर भी अब इन्होंने अपनी दुकान पर लगा दी है। आप जो तस्वीर देख रहे हैं यह राजधानी पटना के कंकड़बाग स्थित टेंपो स्टैंड के पास की है। जहां अंतिम संस्कार में इस्तेमाल किये जाने वाले सामानों को लोग बेचते हैं। 


हालांकि यहां दाह संस्कार नहीं होता है, दाह संस्कार के लिए गुलबी घाट, खाजेकला घाट, बांसघाट, या फिर दीघा घाट जाना पड़ता है। लेकिन मौत के बाद परिजन शव को श्मशान घाट तक ले जाने के लिए बांस की अर्थी तैयार कराते हैं। अंतिम संस्कार में लगने वाले कफन, पितांबरी, अगरबत्ती, घी सहित 32 तरह के मरनी का सामान खरीदते हैं। उधर ठंड के कहर से लगातार हो रही मौत के बीच कफन के व्यापारी भी इस मौके को गंवाना नहीं चाहते हैं। इस धंधे में लगे लोगों ने कफन सहित अन्य सामानों पर 30% तक का छूट दे रहे हैं। मरनी के 32 सामान 3500 रुपये की जगह 2500 में दे रहे हैं। 


खुद को सुपन भगत बताने वाली महिला ने फर्स्ट बिहार से बातचीत में बताया कि हमलोग यहां 2500 तक सब सामान दे देते हैं, जो उचित होता है वो कर देते हैं। लावारिस लाश आता है तो फ्री में सामान देते हैं। 500 सीढ़ी का दाम है जिसका गर्मी और जाड़ा में एक दाम रहता है। लेकिन ठंडा में जिनकी मौत हो जा रही है उनके लिए 4000 का सामान 2500 में दे देते है। ठंड में लोगों की मौतें जा हो रही है जिसके चलते बिक्री बढ़ गई है। लेकिन इसमें भी कंपीटिशन चल रहा है।


 वही दूसरी महिला का कहना है कि हमलोगों का घर तोड़कर पार्क बना दिया है। यहां का दुकानदार बाहुबली है जो हमलोग से कंपीटिशन करता है। हमलोग ही असली सुपन भगत हैं। नगर निगम की टीम आती है तो दबंगों के दुकान को नहीं तोड़ा जाता है, जो लोग कमीशन देता है उसका भी नहीं तोड़ा जाता है लेकिन हमलोगों का दुकान तोड़ दिया जाता है, जबकि कानून सभी के लिए एक होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जो 32 सामान हम 2500 में दे रहे हैं, वही सामान यदि बांसघाट, गुलबी घाट, जनार्दन घाट, दीघा घाट, खाजेकला घाट से लेते हैं तो 10 हजार लगेगा।