Hindi News / bihar / patna-news / Bihar News: पैर फिसलने से नदी में गिरे मां-बेटी और बेटा, डूबने से...

Bihar News: पैर फिसलने से नदी में गिरे मां-बेटी और बेटा, डूबने से मासूम बच्ची की मौत

Bihar News: बिहार के औरंगाबाद के खुदवां थाना क्षेत्र के आधार बिगहा गांव के पास शुक्रवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक चार वर्षीय बच्ची की डूबने से मौत हो गई है.

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jun 28, 2025, 3:02:57 PM

Bihar News

Bihar News - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार के औरंगाबाद के खुदवां थाना क्षेत्र के आधार बिगहा गांव के पास शुक्रवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक चार वर्षीय बच्ची की डूबने से मौत हो गई है। दरअसल, पुनपुन नदी में मां, बेटी और बेटा डूबने लगे। जलस्तर अधिक होने के कारण गहरे पानी में चले जाने से चार वर्षीय बच्ची निधि कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, ग्रामीणों की तत्परता से मां और पुत्र को समय रहते बचा लिया गया।


खुदवां थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने जानकारी दी कि यह परिवार सलैया थाना क्षेत्र के उधन बिगहा गांव निवासी सुबोध सिंह का है। घटना उस समय हुई जब सुबोध सिंह की पत्नी अपने छह वर्षीय पुत्र शिवम कुमार और पुत्री निधि के साथ ससुराल से मायके जा रही थीं। रास्ते में पुनपुन नदी पार करने के लिए बने एक अस्थायी वैकल्पिक रास्ते का उपयोग कर रही थीं। तभी अचानक मां का पैर फिसल गया, जिससे तीनों नदी में गिर गए और डूबने लगे।


पास ही खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने शोर सुनते ही घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई। तत्परता दिखाते हुए ग्रामीणों ने सभी को बाहर निकाला और तुरंत जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने बच्ची निधि को मृत घोषित कर दिया।


थानाध्यक्ष ने बताया कि बच्ची के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके कारण शव बिना पोस्टमार्टम कराए ही स्वजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर पूरे मामले की छानबीन की। साथ ही परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की गई है।


ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पुनपुन नदी पर स्थायी पुल का निर्माण शीघ्र कराया जाए, ताकि इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे को जिला प्रशासन के समक्ष उठाने का आश्वासन दिया है। पुनपुन नदी में बारिश के कारण जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे अस्थायी रास्ते अत्यंत जोखिम भरे हो चुके हैं। इस स्थान पर पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।