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Bihar News: बिहार में शिक्षा और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आएगा बड़ा बदलाव, तीन प्रमुख भवनों का उद्घाटन जल्द

Bihar News: बिहार सरकार प्रदेशवासियों को लगातार विकास की सौगातें दे रही है। इसी क्रम में सितंबर माह में तीन अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाना है, जो राज्य के लिए शिक्षा, विज्ञान और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेंगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 13, 2025, 4:04:16 PM

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बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार सरकार प्रदेशवासियों को लगातार विकास की सौगातें दे रही है। इसी क्रम में सितंबर माह में तीन अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाना है, जो राज्य के लिए शिक्षा, विज्ञान और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेंगी। ये तीन परियोजनाएं हैं।  डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) का नया मुख्यालय, और बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का आधुनिक परिसर।


राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) का नया मुख्यालय बिहटा के दिलावरपुर में 25 एकड़ भूमि पर 287.52 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। यह अत्याधुनिक परिसर प्रशासनिक भवन, क्वार्टर मास्टर स्टोर, ट्रेनिंग ब्लॉक, हेड कॉन्स्टेबल और डिप्टी कमांडेंट आवास जैसी संरचनाओं से सुसज्जित है। यहां एक राष्ट्रीय स्तर का अत्याधुनिक स्विमिंग पूल भी निर्मित किया जा रहा है, जो आपदा स्थितियों में बचाव कार्यों के प्रशिक्षण में सहायक सिद्ध होगा। प्रशिक्षण और आवास की सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त यह केंद्र राज्य के SDRF जवानों की क्षमता और दक्षता को बढ़ाएगा। भवन निर्माण विभाग के सचिव कुमार रवि ने जानकारी दी है कि शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कर उद्घाटन की योजना बनाई जा रही है, ताकि इसका लाभ जल्द ही प्रदेश को मिल सके।


बिहार सरकार पशुपालन और पशु विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के आधुनिक परिसर का निर्माण करा रही है। अब तक विश्वविद्यालय परिसर में 14 प्रमुख भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिनमें डेयरी इंजीनियरिंग भवन, प्रशासनिक ब्लॉक, पशु प्रयोगशाला, फीड विश्लेषण लैब, यूजी/पीजी हॉस्टल, कुलपति आवास शामिल हैं। परिसर को ग्रीन बिल्डिंग फीचर्स के साथ डिज़ाइन किया गया है, जिससे पर्यावरण संतुलन का भी ध्यान रखा गया है। छात्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हॉस्टल बनाए गए हैं और एक 1200 सीटों वाला विशाल ऑडिटोरियम भी निर्माणाधीन है, जो शैक्षणिक आयोजनों में सहायक होगा। यह संस्थान पशुपालन, डेयरी टेक्नोलॉजी, रिसर्च और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम साइंस सिटी का निर्माण पटना में मोइन-उल-हक स्टेडियम के निकट 20.5 एकड़ भूमि पर किया जा रहा है। यह परियोजना राज्य में विज्ञान शिक्षा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले चरण में साइंटिस्ट्स गैलरी और बेसिक साइंस गैलरी में 47 विज्ञान प्रदर्श स्थापित किए जा चुके हैं। कुल मिलाकर, पांच गैलरियों में 269 विज्ञान प्रदर्शों को स्थापित किया जाएगा।


यह साइंस सिटी खास तौर पर युवा पीढ़ी में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने, इनोवेशन को प्रेरित करने और शैक्षणिक संस्थानों को सहयोग देने में सहायक सिद्ध होगी। यहां बच्चों, छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए प्रैक्टिकल लर्निंग और विजुअल डेमोंस्ट्रेशन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन तीनों प्रमुख परियोजनाओं के उद्घाटन से बिहार को शिक्षा, विज्ञान और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। सरकार द्वारा सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। ये परियोजनाएं न सिर्फ सामाजिक और शैक्षणिक विकास को गति देंगी, बल्कि बिहार के समग्र और टिकाऊ विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होंगी।