1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 30, 2026, 11:48:36 AM
- फ़ोटो
Bihar Crime News: बिहार के मोतिहारी जिले के चिरैया थाना क्षेत्र से सामने आया डबल मर्डर का यह मामला पूरे इलाके को दहला देने वाला है। एक 20 वर्षीय युवती, जिसे गांव में लोग सम्मान से ‘दीदी’ कहकर बुलाते थे, उसी ने प्रेम और प्रतिशोध की आग में ऐसी खौफनाक साजिश रची, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस की तकनीकी जांच के बाद हुआ, जिसमें मोबाइल डेटा और एक वायरल ऑडियो सबसे अहम कड़ी साबित हुए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी युवती शिल्पी कुमारी ने अपने प्रेमी को पाने की सनक में पहले उसके दादा को जिंदा जलाकर मार डाला। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने पांच साल की मासूम बच्ची अंशिका की गला रेतकर हत्या कर दी। यह घटना 20 मार्च से शुरू होती है, जब हीरापट्टी गांव निवासी दीपक यादव की बेटी अंशिका अचानक लापता हो गई। परिवार ने काफी खोजबीन की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
दो दिन बाद 22 मार्च को गांव के पास एक खेत से अंशिका का शव बरामद हुआ। बच्ची की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। लोगों में गुस्सा और डर दोनों का माहौल बन गया। पुलिस पर जल्द से जल्द मामले को सुलझाने का दबाव बढ़ गया। इसी दौरान एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें बच्ची की आवाज सुनाई दे रही थी। यही ऑडियो इस केस की जांच का टर्निंग पॉइंट बन गया।
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि जिस मोबाइल से ऑडियो वायरल हुआ, वह इंटरनेट डेटा किसी दूसरे मोबाइल से शेयर कर रहा था। इस तकनीकी सुराग के आधार पर पुलिस की जांच अमर राय के घर तक पहुंची और धीरे-धीरे शक की सुई शिल्पी कुमारी पर टिक गई। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।
पूछताछ में शिल्पी ने बताया कि उसका गांव के ही युवक नीतीश कुमार के साथ प्रेम संबंध था, जो वर्ष 2024 से चल रहा था। लेकिन इस रिश्ते का विरोध नीतीश के दादा करते थे। इसी कारण दोनों के बीच कई बार विवाद और मारपीट भी हुई थी। इस विरोध ने शिल्पी के मन में बदले की भावना पैदा कर दी और उसने नीतीश के दादा को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। एक दिन उसने उन्हें सोते समय आग लगाकर जिंदा जला दिया और बाद में इसे सामान्य आगजनी की घटना दिखाने की कोशिश की।
इसके बाद उसके मन में एक और शक ने जन्म लिया। उसे लगा कि अंशिका की मां रागनी कुमारी उसके प्रेम संबंध में बाधा बन रही है और नीतीश को उसके खिलाफ भड़का रही है। इसी शक के चलते उसने मासूम अंशिका को निशाना बनाया। 20 मार्च की शाम उसने बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया, फिर उससे कुछ बातें बुलवाकर मोबाइल में रिकॉर्ड किया और बाद में उसकी हत्या कर दी। शव को छुपाने के बाद उसने अगले दिन खेत में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो।
इस पूरे मामले का खुलासा स्वर्ण प्रभात के निर्देशन में गठित टीम ने किया। सिकरहना डीएसपी उदय शंकर और चिरैया थानाध्यक्ष महेश कुमार की टीम ने तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए चाकू, खून से सने कपड़े और मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं।