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Bihar News : मंच पर गाना, नीचे हंगामा! कल्पना पटवारी के कार्यक्रम में चलीं कुर्सियां, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

वैशाली महोत्सव के दौरान भोजपुरी गायिका कल्पना पटवारी के कार्यक्रम में उस समय हंगामा मच गया जब भीड़ अचानक बेकाबू हो गई। हालात काबू करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Apr 02, 2026, 8:59:16 AM

Bihar News : मंच पर गाना, नीचे हंगामा! कल्पना पटवारी के कार्यक्रम में चलीं कुर्सियां, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज

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Bihar News : बिहार के वैशाली में चल रहे सांस्कृतिक उत्सव के दूसरे दिन उस वक्त माहौल अचानक बिगड़ गया, जब भोजपुरी लोक गायिका कल्पना पटवारी के कार्यक्रम के दौरान भीड़ बेकाबू हो उठी। जो शाम सुरों और लोकगीतों के रंग में डूबी हुई थी, वह कुछ ही पलों में अफरा-तफरी और हंगामे में बदल गई।


शाम ढलते ही कार्यक्रम स्थल पर हजारों की संख्या में लोग जुटने लगे थे। जैसे ही कल्पना पटवारी मंच पर पहुंचीं, दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। उन्होंने अपने कार्यक्रम की शुरुआत उत्तर बिहार के प्रसिद्ध छठ गीत ‘उग हे सूर्य देव’ से की, जिसे सुनते ही पूरा मैदान भक्ति और उत्साह के रंग में रंग गया। लेकिन यह जोश जल्द ही अव्यवस्था में बदल गया।


मंच पर उनके आने के करीब आधे घंटे के भीतर ही भीड़ का उत्साह अनियंत्रित होने लगा। कुछ शरारती तत्वों ने कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दीं, जिससे कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।


प्रशासन और पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन जब उपद्रव नहीं थमा तो हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। लाठीचार्ज के जरिए उपद्रवी तत्वों को खदेड़ा गया, जिसके बाद स्थिति धीरे-धीरे काबू में आई। इस दौरान कई लोग घबराकर कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गए, जबकि कुछ लोग पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल में कैद करते नजर आए।


हालांकि इस हंगामे के बावजूद कल्पना पटवारी ने मंच नहीं छोड़ा। उन्होंने संयम बनाए रखते हुए अपने कार्यक्रम को जारी रखा। उन्होंने बीच-बीच में दर्शकों से शांति बनाए रखने की अपील भी की। अपने गीतों के जरिए उन्होंने माहौल को फिर से सामान्य करने की कोशिश की।


कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सामाजिक मुद्दों को भी उठाया। नालंदा में हाल ही में हुई सामूहिक दुर्व्यवहार की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताया। इसके बाद उन्होंने भोजपुरी के महान लोक कलाकार भिखारी ठाकुर का प्रसिद्ध गीत ‘बेटी बेचवा’ प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया।


इसके अलावा उन्होंने ‘बलमुआ कैसे तेजब’, ‘हे छोटी ननदी’ जैसे लोकप्रिय गीत गाकर एक बार फिर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनका मार्मिक गीत ‘गिरजा दुखवा हमार…’ सुनकर कई लोग भावुक हो उठे। माहौल धीरे-धीरे फिर से संगीतमय हो गया और दर्शकों ने तालियों और हूटिंग के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।


हंगामे के बाद जिला प्रशासन ने कड़ी चेतावनी देते हुए व्यवस्था को सख्त किया। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। इसके बाद कार्यक्रम दोबारा शुरू हुआ और अंत तक बिना किसी बड़ी बाधा के चलता रहा।


हालांकि इस घटना ने एक बार फिर बड़े आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बावजूद इसके, भोजपुरी नाइट का जोश और उत्साह कम नहीं हुआ। दर्शकों ने अंत तक कार्यक्रम का आनंद लिया और अपने पसंदीदा कलाकार के साथ यादगार पल बिताए।वैशाली महोत्सव की यह रात जहां एक तरफ संगीत और संस्कृति के रंग में रंगी रही, वहीं दूसरी तरफ अव्यवस्था और हंगामे की वजह से चर्चा का विषय भी बन गई।